विदेशी राहतकर्मियों पर 'हमले का ख़तरा'

बाढ़ पीड़ित
Image caption बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुँचाना एक चुनौती बनी हुई है

एक वरिष्ठ अमरीकी अधिकारी ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तानी तालिबान वहाँ बाढ़ राहत और बचाव कार्य में लगे विदेशियों पर हमले करने की योजना बना रहे हैं.

बीबीसी से हुई बातचीत में उन्होंने कहा, "इसके अलावा इस्लामाबाद में मंत्रियों पर भी हमले किए जा सकते हैं."

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब बाढ़ उत्तरी हिस्से से अब दक्षिणी हिस्से में पहुँच चुकी है और तटीय इलाक़ों से हज़ारों लोगों को अपने घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा है.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि पाकिस्तान में आई बाढ़ से अब तक 1.7 करोड़ लोग प्रभावित हैं जबकि प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी कह चुके हैं कि बाढ़ प्रभावितों की संख्या दो करोड़ तक पहुँच चुकी है.

कोई 12 लाख मकान नष्ट हो चुके हैं और कम से कम 50 लाख लोग ऐसे हैं जिनके पास सिर छिपाने की भी जगह नहीं है और धूप-बारिश से बचने के लिए उन्हें टैंट और प्लास्टिक शीट्स की तत्काल ज़रुरत है.

हमले की योजना

Image caption अब तक राहतकर्मियों की ओर से किसी समस्या की शिकायत नहीं की गई है

बीबीसी से हुई बातचीत में एक वरिष्ठ अमरीकी अधिकारी ने अपना नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया, "जो सूचनाएँ अमरीकी सरकार के पास उपलब्ध हैं उसके अनुसार तहरीक़-ए-तालिबान योजना बना रहा है कि बाढ़ राहत में लगे विदेशियों पर हमले किए जाएँ."

उनका कहना है, "तहरीक़-ए-तालिबान इस्लामाबाद में केंद्रीय और प्रांतीय मंत्रियों पर भी हमले कर सकता है."

यह चेतावनी एक अमरीकी जनरल के बयान के कुछ घंटों बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान में बाढ़ राहत सामग्री लेकर उड़ान भरते हुए उन्हें किसी तरह की सुरक्षा समस्या का सामना नहीं करना पड़ा है.

ब्रिगेडियर जनरल माइकल नगाटा ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "तीन हफ़्तों से हम यहाँ काम कर रहे हैं लेकिन हमें किसी तरह की सुरक्षा समस्या का सामना नहीं करना पड़ा है."

अमरीका और दूसरे देशों ने पाकिस्तान के बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए 70 करोड़ डॉलर की सहायता राशि देने की घोषणा की है.

राहतकर्मियों ने देश के उत्तरी हिस्से में बाढ़ का पानी घटने के बाद सफ़ाई का कार्य शुरु कर दिया है और इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने अपील की है कि क़रीब आठ लाख बाढ़ पीड़ितों तक पहुँचने के लिए 40 और हेलिकॉप्टरों की ज़रुरत है.

लेकिन दक्षिण में बाढ़ की स्थिति गंभीर होने के बाद दो लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया गया है.

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