बाढ़: सिंध में लाखों लोगों को चेतावनी

  • 27 अगस्त 2010
लाखों बाढ़ पीड़ित खुले आसमान के नीचे हैं

दक्षिणी पाकिस्तान में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सरकार ने लाखों लोगों को उस इलाक़े को खाली करने का आदेश दिया है.

उधर पाकिस्तानी तालिबान की ओर से देश में मौजूद विदेशी राहतकर्मियों को दी गई चेतावनी को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र उनकी सुरक्षा की समीक्षा कर रहा है.

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार पूरे देश में बाढ़ से 1.7 करोड़ लोग प्रभावित हैं, 12 लाख घर तबाह हो गए हैं और 50 लाख लोग बेघर हो गए हैं.

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार पाकिस्तान में कुल उपजाऊ भूमि का 14 प्रतिशत यानी लगभग 32 लाख हैक्टेयर भूमि क्षतिग्रस्त है.

लाखों के क्षेत्र खाली करने को कहा

दक्षिणी पाकिस्तान में सिंधु नदी के तटबंध को तोड़कर पानी कई जगहों में भर गया है और कई नई जगहों को भी ख़तरा पैदा हो गया है.

निवासियों को लगभग 3.5 लाख जनसंख्या वाले थट्टा शहर और तीन लाख की जनसंख्या वाले शाहदाकोट शहर को खाली करने को कहा गया है.

इस अभियान में थल सेना और नौसेना लोगों की मदद कर रहे हैं. यातायात को जो भी ज़रिए उपलब्ध है, उसे इस्तेमाल किया जा रहा है और लोग इन जगहों को छोड़कर भाग रहे हैं.

थट्टा के ऊपरी क्षेत्र में कोट आलमो का तटबंध टूट गया है और हज़ारों लोग वहाँ से जान बचाकर भागे हैं.

शाहदाकोट में मौजूद बीबीसी संवाददाता क्रिस मॉरिस के अनुसार जैसे ही पानी का बहाव बढ़ा और तटबंध टूटे वैसे ही पानी खेतों में भर गया.

सिंध प्रशासन के एक अधिकारी रियाज़ अहमद सूमरो के अनुसार, "शाहदाकोट के लिए निश्चित तौर पर ख़तरा बना हुआ है. लोगों ने सुरक्षा के लिए एक अस्थायी बांध बनाया था लेकिन पानी का दबाव बहुत बढ़ रहा है."

इन इलाक़ो के निचले क्षेत्र में सुजावाल, मीरपुर बटोरो और दारो नगरों में भी लगभग चार लाख लोगों को जगह खाली करने को कह दिया गया है.

पाकिस्तान की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के महानिदेशक सालेह फ़ारूक़ी ने कहा, "हालाँकि इन इलाक़ो से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है लेकिन हमने चेतावनी जारी की है ताकि बाक़ी बचे लोग भी उस क्षेत्र को खाली कर दें."

विदेशी राहतकर्मियों को ख़तरा

बुधवार को एक वरिष्ठ अमरीकी अधिकारी ने अपना नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बीबीसी को बताया था कि पाकिस्तानी तालिबान का संगठन तहरीक़-ए-तालिबान विदेशी राहतकर्मियों पर हमले की योजना बना रहा है.

इस अधिकारी ने यह भी कहा था कि तालिबान केंद्रीय और प्रांतीय मंत्रियों को भी निशाना बना सकते हैं.

अमरीकी अधिकारियों का कहना है इससे पता चलता है कि ये गुट तबाही फैलाने की प्रवृत्ति से किस हद तक ग्रस्त हैं और भविष्य के बारे में किसी भी तरह की सकारात्कमक सोच से विहीन हैं.

लेकिन पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक ने इसे अफ़वाह बताते हुए कहा है कि उनके पास इस तरह की कोई सूचना नहीं है और यदि कोई ऐसी सूचना देता है तो कार्रवाई की जाएगी.

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