धमाके कायरतापूर्ण आतंकवादी कार्रवाई: गिलानी

लाहौर धमाके

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने लाहौर में तीन आत्मघाती बम धमाकों की कड़ी निंदा की है और इसे 'कायरतापूर्ण आतंकवादी कार्रवाई' बताया है.

बुधवार को हुए इस हमले में 25 लोग मारे गए थे और 150 अन्य घायल हो गए थे. घायलों में 35 की हालत गंभीर बताई जा रही है.

प्रधानमंत्री गिलानी ने कहा,'' जो लोग निर्दोष लोगों की जान से खेल रहे हैं, वो इंसाफ़ से नहीं बच पाएंगे.''

इन हमलों के बाद नाराज़ लोगों ने पुलिस को निशाना बनाया.

उनका आरोप था कि सुरक्षाबल उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त क़दम नहीं उठा रहे हैं.

इन नाराज़ लोगों को तितरबितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े.

निशाना शिया समुदाय

ऐसा माना जा रहा है कि इनमें सुन्नी चरमपंथियों ने एक बार फिर अल्पसंख्यक शिया समुदाय को निशाना बनाया है.

ये हमले उस समय किए गए जब रमज़ान के इक्कीसवें दिन शियाओं का धार्मिक जुलूस निकाला जा रहा था. इस धार्मिक जुलूस में हज़ारों लोग शामिल थे.

धमाकों के बाद वहाँ भगदड़ मच गई और इसमें भी बहुत से लोग घायल हो गए.

हमलों के बाद लोग आक्रोश में आ गए और उन्होंने पुलिस वाहनों पर पथराव किया और एक पुलिस स्टेशन को आग लगा दी.

पुलिस ने उग्र प्रदर्शकारियों पर अश्रुगैस के गोले दागे और रबर की गोलियाँ भी चलाईं.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ज़ुल्फ़िकार हमीद ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए अर्धसैनिक बलों को बुलाना पड़ा. फ़िलहाल स्थिति नियंत्रण में है.

लाहौर पंजाब प्रांत की राजधानी है और यहाँ हाल के महीनों में शिया और सुन्नी समुदायों के बीच संघर्ष की कई घटनाएँ हो चुकी हैं.

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