लश्करे झंगवी ने हमले की ज़िम्मेदारी ली

क्वेटा विस्फोट
Image caption दो दिन पहले लाहौर में शिया समुदाय के धार्मिक जुलूस पर बम हमले में 25 लोग मारे गए

पाकिस्तान के दक्षिणी पश्चिम शहर क्वेटा में एक जुलूस पर हुए आत्मघाती हमले में मरने वालों की संख्या 59 तक पहुंच गई है. हमले में 150 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.

पाकिस्तान के तालीबानी चरमपंथी गुट 'लश्करे झंगवी' ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है. 'लश्करे झंगवी' के कथित प्रवक्ता अली शेर हैदरी ने कहा है कि हाल ही में हुए लाहौर बम धमाकों के बाद शिया जुलूस पर हुए आत्मघाती हमले में भी इस संगठन का हाथ है.

बलूचिस्तान के गृह सचिव अकबर हुसैन दुर्रानी ने बीबीसी को बताया कि इस रैली के मद्देनज़र चार हज़ार से ज़्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था.

ख़तरे के मद्देनज़र प्रशासन ने जुलूस निकालने वालों को हिदायत दी थी कि वो तयशुदा जगह से आगे न जाएं लेकिन छात्रों ने इस हिदायत को नहीं माना.

विस्फोट ऐसे समय पर हुआ जब शिया मुस्लिम छात्र फ़लस्तीनियों के समर्थन में जुलूस निकाल रहे थे.

शिया नेता अलामा अब्बास कुमैली ने कहा, "यह शिया और सुन्नी समुदाय के लोगों को आपस में लड़ाने की कोशिश है." उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. पाकिस्तान में 20 फ़ीसदी आबादी शिया मुसलमानों की है.

फ़लस्तीनियों के लिए अलग राष्ट्र की मांग के समर्थन में पाकिस्तान में हर साल रमज़ान के पवित्र महीने के आखिरी शुक्रवार को इस तरह के जुलूस निकाले जाते हैं.

गौरतलब है कि दो दिन पहले ही लाहौर में शिया समुदाय के धार्मिक जुलूस पर तीन बम हमले में कम से कम 30 लोग मारे गए थे और क़रीब 170 घायल हुए थे. इस धार्मिक जुलूस में हज़ारों लोग शामिल थे.

पाकिस्तान में भीषण बाढ़ के बीच जहां सरकार राहत और बचाव कार्यों के लिए संघर्ष कर रही है, वहीं दूसरी तरफ चरमपंथियों ने इस तरह के हमलों से सरकारी मशीनरी को चुनौती दी है.

संबंधित समाचार