बाढ़ पीड़ितों की संख्या हुई दो करोड़

बाढ़ प्रभावित इलाके

पाकिस्तान के दक्षिणी इलाके सिंध में बाढ़ के नए ख़तरों के बीच संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान में अब तक बाढ़ से उपजी तबाही के नए आंकड़े जारी किए हैं.

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक बाढ़ से सीधे तौर पर प्रभावित लोगों की संख्या दो करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है.

बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,752 हो गई है और 18 लाख से ज़्यादा घर प्रभावित हुए हैं.

अकेले सिंध प्रांत में लगभग 70 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 13 लाख सरकार के राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं.

इस बीच बाढ़ का पानी सिंध के दादू ज़िले तक पहुंच गया है.

चार सितंबर को ज़िला प्रशासन ने दादू ज़िले में चार लाख की आबादी वाले मेहर शहर को खाली करने की चेतावनी जारी की थी. ये ज़िले का सबसे बड़ा शहर है.

दादू शहर भी चारों तरफ बाढ़ के पानी से घिरा है और देश के उत्तरी हिस्से में लरकाना से उसका संपर्क कट चुका है.

नए ख़तरे

दादू ज़िले के बाद बाढ़ का पानी अब नए इलाकों की ओर बढ़ रहा है.

बाढ़ के इस ख़तरे के मद्देनज़र बड़ी संख्या में लोग लरकाना ज़िले की ओर बढ़ रहे हैं.

Image caption पाक में बाढ़ का संकट सूनामी से पैदा हुई स्थिति से ज़्यादा गंभीर है.

पांच सितंबर तक उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 649 राहत शिविरों में एक लाख चौंतीस हज़ार से ज़्यादा लोग रह रहे हैं.

हालात ये हैं कि ‘हमाल’ और ‘मनचार’ झीलों में बढ़ते जलस्तर ने आसपास के लरकाना, कंबर-शाहदादकोट और दादू ज़िलों के लिए ख़तरा पैदा कर दिया है.

दक्षिणी पाकिस्तान के सुदूर इलाकों में थट्टा जैसे ज़िलों के आसपास प्रांतीय सरकार ने जो राहत शिविर बनाए हैं उनमें भी ढाई लाख से ज़्यादा लोग रह रहे हैं.

राहत शिविरों के अलावा बड़ी संख्या में लोग तात्कालिक तौर पर तैयार किए गए ठिकानों में भी सिर छिपाए हैं.

मदद की अपील

इस बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने की अपील करते हुए हॉलिवुड अभिनेत्री एंजेलीना जोली ने चौथी बार पाकिस्तान की यात्रा की.

बाढ़ की तबाही को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने कहा था कि पाकिस्तान को लगभग 46 करोड़ डॉलर की मदद की ज़रूरत है. हालांकि पिछले दिनों के आंकड़ों के मुताबिक इस रकम का 64 फ़ीसदी ही इक्कठा हो पाया है.

संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी के अनुसार पाकिस्तान में बाढ़ संकट की स्थिति 2004 में हिंद महासागर में आई सूनामी से पैदा हुई स्थिति से ज़्यादा गंभीर है. उनके अनुसार हेती में भीषण भूकंप से 30 लाख लोग प्रभावित हुए थे और सूनामी से 50 लाख लोग प्रभावित हुए थे लेकिन पाकिस्तान में प्रभावित लोगों की संख्या इन दोनों त्रासदियों से कहां ज़्यादा है.

संबंधित समाचार