'मुशर्रफ़ का स्वागत चीफ़ जस्टिस करेंगे'

यूसुफ़ रज़ा गिलानी
Image caption गिलानी ने मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ दर्ज मुक़दमों के हवाले ये ये तंज़ किया है

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ के स्वदेश लौटने पर चीफ़ जस्टिस पाकिस्तान में उनका स्वागत करेंगे.

ह मुस्लिम लीग के नेता और नेश्नल एसेंबली के सदस्य जावेद हाशमी की अयादत के लिए मुलतान गए हुए थे.

याद रहे कि जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ जब राष्ट्रपति थे तो उनकी पाकिस्तान के न्यायाधीशों, ख़ासकर मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार मुहम्मद चौधरी के साथ ठन गई थी.

प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी से जब ये सवाल किया गया कि जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ की स्वदेश वापसी की बात हो रही है तो प्रधानमंत्री ने जवाब दिया, "मुझे ये नहीं मालूम कि जनरल परवेज़ कब वापस आ रहे हैं लेकिन उनके आगमन पर चीफ़ जस्टिस पाकिस्तान में उनका स्वागत करेंगे."

सैयद यूसुफ़ रज़ा गिलानी के मुताबिक़ पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ पाकिस्तान में मुक़दमें दर्ज हैं.

जनरल मुशर्रफ़ सत्ता से अलग होने के बाद लंदन में रह रहे हैं और पिछले दिनों उन्होंने बीबीसी के साथ एक इंटरव्यू में ये घोषणा की थी कि वह आम चुनाव में हिस्सा लेंगे और आम चुनाव से पहले पाकिस्तान में होंगे.

पाकिस्तान के पूर्व फ़ौजी जनरल जल्द ही 'ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग' के नाम से अपनी नई राजनीतिक पार्टी का एलान भी करने वाले हैं.

बीबीसी संवादददात इबादुल हक़ के मुताबिक़ जनरल मुशर्रफ़ के विदेश चले जाने के बाद उनके ख़िलाफ़ पिछले साल 11 अगस्त को एक मुक़दमा दर्ज किया गया था.

मुशर्रफ़ पर मुक़दमा

Image caption मुशर्रफ़ अभी लंदन में रह रहे हैं

जनरल मुशर्रफ़ पर ये इल्ज़ाम है कि उन्होंने पाकिस्तान के चीफ़ जस्टिस जस्टिस इफ़्तिख़ार मुहम्मद चौधरी समेत उच्च अदालत के क़रीब 60 जजों को ग़ैरक़ानूनी हिरासत में रखा जो कि क़ानून की नज़र में सज़ा के लायक़ जुर्म है.

पाकिस्तान की धारा 344 और 34 के तेहत जनरल मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया गया है जो एक क़ाबिले-ज़मानत ज़ुर्म है और इल्ज़ाम साबित होने पर इन धाराओं के तहत तीन साल तक की सज़ा हो सकती है.

याद रहे कि दो साल पहले 18 अगस्त, 2008 को जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने राष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दे दिया था और कुछ समय तक पाकिस्तान में रहने के बाद वह विदेश चले गए थे और अभी वह लंदन में रहते हैं.

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक़ जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ की पत्नी भी कुछ दिन पहले पाकिस्तान आईं और इस्लामाबाद के पास चकशहज़ाद में बने अपने नए घर में रहीं.

पाकिस्तान में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी मुस्लिम लीग (नवाज़) की ये मांग रही है कि जनरल मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ संविधान को तोड़ने के जुर्म में धारा छह के तहत ग़द्दारी के इल्ज़ाम में मुक़दमा चलाया जाए.

जबकि सत्तारूढ़ पीपुल्स पार्टी की इस बात पर आलोचना होती रही है कि उन्होंने न सिर्फ़ जनरल को 'गॉर्ड ऑफ़ ऑनर' पेश किया बल्कि उन्हें देश से बाहर जाने का रास्ता भी दिया है.

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