पाकिस्तान में ड्रोन हमला, 14 की मौत

ड्रोन
Image caption हमले में मारे गए चरमपंथी मुल्ला नज़ीर गुट के थे.

पाकिस्तान के स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक़ पश्चिमोत्तर इलाक़े में हुए एक संदिग्ध अमरीकी ड्रोन यानि चालक रहित विमान के हमले में 14 लोगों की मौत हो गई है.

अधिकारियों के मुताबिक़ दक्षिण वज़ीरिस्तान के ख़ुंद और आज़म वारसाक गाँव में एक घर और एक गाड़ी पर ड्रोन से मिसाइलें दागी गईं.

पाकिस्तान में आई बाढ़ के बाद ड्रोन हमलों में तेज़ी आई है लेकिन दक्षिण वज़ीरिस्तान में पिछले दो महीने में यह पहला हमला है.

ड्रोन हमले

जनवरी 2009 के बाद हुए ड्रोन हमलों में अबतक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है. इससे पाकिस्तान में अमरीका विरोधी भावना भी बढ़ी है.

एक स्थानीय अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि खुंद में एक गाड़ी को निशाना बनाकर मंगलवार शाम किए गए हमले में सात स्थानीय चरमपंथी मारे गए.

घटना के समय वहाँ मौजूद लोगों का कहना है कि जब हमला हुए तो गाड़ी अफ़ग़ान सीमा में प्रवेश कर रही थी.

अधिकारियों का कहना है कि मारे गए चरमपंथियों का संबंध पाकिस्तानी तालिबान के मुल्ला नज़ीर गुट से था.

अधिकारियों के मुताबिक़ इस हमले के कुछ घंटे बाद ही आज़म वरसाक गाँव में एक घर को निशाना बनाकर एक ड्रोन से चार मिसाइलें दागी गईं.

इस हमले में भी मुल्ला नज़ीर गुट के ही सात चरमपंथी मारे गए. आज़म वरसाक गाँव वाना कस्बे के पास है जो दक्षिण वज़ीरिस्तान का प्रमुख इलाका है.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ हमले में यह घर पूरी तरह तबाह हो गया. इसे मुल्ला नज़ीर गुट के उप प्रमुख कमांडर शमसुल्लाह का प्रमुख अड्डा माना जाता है.

अधिकारियों का कहना है कि हमले के समय शमसुल्लाह वहाँ मौज़ूद नहीं थे वे कुछ घंटे पहले हुए हमले में मारे गए लोगों के अंतिम संस्कार में गए हुए थे.

पाकिस्तान सार्वजनिक रूप से ड्रोन हमलों पर विरोध जताता रहा है लेकिन विशेषज्ञों का अनुमान है कि इन हमलों को अधिकारियों का समर्थन प्राप्त है.

अमरीकी सेना इस तरह के हमलों की पुष्टि तो नहीं करती है लेकिन जानकारों का मानना है कि इस तरह के हमले करने की क्षमता केवल अमरीका के ही पास है.

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