कश्मीरियों के पक्ष में उतरे प्रतिबंधित गुट

रैली
Image caption कार्यकर्ताओं ने हाथों में प्ले-कार्ड और बैनर उठा कर भारत विरोधी नारे लगाए.

पाकिस्तान के प्रतिबंधित जेहादी गुटों ने कश्मीरियों के समर्थन में एक अभियान शुरु किया है .

‘तहरीके आज़ादी जम्मू व कश्मीर’ के नाम से शुरु किए गए इस अभियान में लश्करे तैबा, जमात-उल-दावा, जैशे मोहम्म्द, मुस्लिम कांफ्रेंस, जमाते इस्लामी और कई अन्य गुट शामिल हैं

अभियान के तहत पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं.

विरोध प्रदर्शन

रैली की शुरुआत रविवार को मीरपुर से की गई है और यह पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के शहरों कोटली, बाग़ और मुज़फर्राबाद से होती हुई बुधवार को इस्लामाबाद पहुँचेगी जहाँ एक बड़ी सभा आयोजित की जाएगी.

इस रैली में जमात-उल-दावा के प्रमुख हाफिज़ सईद का बेटा तलहा, अब्दुल रहमान मक्की, मौलाना अमीर हमज़ा और हाफिज़ सैफुल्लाह सहित कई विभिन्न जेहादी गुटों के कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं.

रैली में बड़ी संख्या जमात-उल-दावा के कार्यकर्ताओं की है. रैली के दौरान इन कार्यकर्ताओं ने हाथों में प्ले-कार्ड और बैनर उठा कर भारत विरोधी नारे लगाए.

जमात-उल-दावा के वरिष्ठ नेता और इस अभियान के प्रवक्ता याहया मुजाहिद ने टेलीफोन पर बीबीसी हिंदी को इस का उद्देश्य बताया, “भारत सरकार कश्मीर में मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रही है और इस के ख़िलाफ हम दुनिया का ध्यान केंद्रित करने केलिए सड़कों पर निकले हैं.”

जागरुकता

उन्होंने आगे कहा, “हम कश्मीर की आज़ादी का समर्थन करते हैं और इस का शांतिपूर्वक समाधान चाहते हैं. हमारा उद्देश्य कश्मीर की आज़ादी के लिए जागरुकता पैदा करना है. यह शांति पूर्ण आंदोलन है.”

याहया मुजाहिद के अनुसार मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली संस्थाएं और दुनिया इस बात का नोटिस लें कि कश्मीर में भारतीय सुरक्षाबल निर्दोष लोगों की हत्याएँ कर रहे हैं.

पाकिस्तान सरकार को संदेश देते हुए उन्होंने कहा, ''हम सरकार ने कहना चाहते हैं कि वह कश्मीर मुद्दे पर ख़ामोश न बैठे बल्कि खुल कर भारत से इस संबंध में बात करे और कूटनीतिक स्तर पर भारत पर दबाव डाले.''

Image caption कश्मीर में लगातार सरकार के खिलाफ प्रदर्शन बढ़ता जा रहा हा.

उन्होंने कहा कि जो अभियान शुरु किया गया है वह शांतिपूर्ण तरीक़े से अपने अंजाम तक पहुँचेगा और उन्होंने कभी भी गोली की बात नहीं की है.

विरोध

दूसरी ओर ‘जम्मू कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट’ ने जेहादी गुटों के इस अभियान का विरोध किया है.

इस्लामाबाद से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में प्रतिबंधित संगठन लश्करे तैबा और जैशे मोहम्मद की गतिविधियाँ चिंताजनक हैं और यह आज़ादी के आंदोलन को नुक़सान पहुँचा सकती हैं.

पार्टी के प्रमुख राजा ग़ुलाम मुज्ताबा ने अपने बयान में कहा, '' कश्मीरियों की ओर से शुरु किया गया कश्मीर छोड़ो आंदोलन अपने चरम पर पहुँच चुका है तो ऐसे में प्रतिबंधित संगठनों की गतिविधियाँ आंदोलन के ख़िलाफ साज़िश है.''

राजा ग़ुलाम के अनुसार प्रतिबंधित जेहादी गुट पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसियों के इशारे पर कश्मीर की आज़ादी के लिए हो रहे आंदोलन को नुक़सान पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने सरकार ने मांग की है कि वह पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में जेहादी गुटों पर प्रतिबंध लगा दे.

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