नेटो हमलों पर पाकिस्तान ने दिखाए तेवर

नेटो हमला
Image caption नेटो के मुताबिक इस हमले में लगभग 50 चरमपंथियों मारे गए है.

अफ़ग़ानिस्तान में जारी नेटो अभियान के दौरान पाकिस्तान की सीमा में घुसकर किए गए नेटो हमले पर पाकिस्तान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

पाकिस्तान के विदेशमंत्रालय ने कहा है कि ये हमला पाकिस्तान की संप्रभुत्ता का सीधा उल्लंघन है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता.

नेटो के मुताबिक इस हमले में लगभग 50 चरमपंथियों मारे गए है.

पाकिस्तानी विदेशमंत्रालय के एक वक्तव्य में कहा गया है कि ये हमला नेटो सेना के लिए संयुक्त राष्ट्र के जनादेश का साफ़ उल्लंघन है.

वक्तव्य में कहा गया है कि, '' संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के मुताबिक नेटो सेना के हमलों की सीमा अफ़ग़ानिस्तान तक ही है, उसमें ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि नेटो सैनिक अफ़ग़ानिस्तान की सीमा के पार भी हमले कर सकते हैं.''

वक्तव्य में कहा गया है, ''अगर इस रवैये में तुरंत नहीं सुधार नहीं किया गया तो मजबूरन पाकिस्तान को विकल्पों के बारे में विचार करना पड़ेगा''

बताया जा रहा है कि नेटो के दो हेलिकॉप्टरों ने पाकिस्तान की सीमा में घुस कर हमला किया जिसमें लगभग 50 लोग मारे गए.

नेटो के नेतृत्व वाली 'इंटरनैशनल सिक्यूरिटी एसिस्टैंस फ़ोर्स' का कहना है कि पाकिस्तान की सीमा में तब घुसना पडा जब अफ़ग़ानिस्तान के ख़ोस्त इलाके से उसके सैनिकों पर हमला हुआ.

बताया गया है कि शनिवार को भी नेटो के दो हेलिकॉप्टरों पर ख़ोस्त इलाक़े से ही हमले हुए, जिनके जवाब में की गई नेटो की कार्रवाई में 4 से लेकर 6 विद्रोही मारे गए थे.

अभी तक अमरीकी सैनिक पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर मानव रहित विमान यानि ड्रोन से हमले करते रहे हैं लेकिन इस बार नेटो ने स्वीकार किया है कि उन्होंने हेलीकॉप्टरों से हमला कर चरमपंथियों को मारा है.

इस लिहाज़ से ये एक असामान्य कार्रवाई कही जा सकती है.

अफ़ग़ानिस्तान सीमा के आस पास चरमपंथियों की धरपकड़ के लिए जारी नेटो के अभियान का पाकिस्तान सरकार समर्थन करती है.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक इस हमले पर पाकिस्तान की इतनी कड़ी प्रतिक्रिया पाकिस्तान की जनता को दिखाने के लिए है. लोगों के बीच ड्रोन हमलों को लेकर अमरीका के प्रति काफी नाराज़गी बढ़ती जा रही है.

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