नेटो टैंकरों पर हमले संदिग्ध

तेल टैंकर

पाकिस्तान में तेल टैंकर मालिक नेटो को रसद पहुंचाने वाले क़ाफ़िलों पर हुए हमलों में से कुछ हमलों को संदिग्ध क़रार दे रहे हैं.

उनका कहना है कि ऐसे सबूत मौजूद हैं जिनसे पता चलता है कि ठेकेदारों ने ख़ुद उन तेल टैंकरों में बम लगाए हैं. सूबा सरहद के नौशहरा ज़िले की पुलिस भी ऐसी दो घटनाओं की पुष्टि करती है.

सोमवार को तड़के पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के पास संदिग्ध चमरपंथियों के हमले में नेटो को तेल की आपूर्ति करने वाले 25 टैंकर तबाह हो गए और तीन लोगों की मौत हो गई थी.

नौशहरा के एक टैंकर मालिक दोस्त मोहम्मद ने बताया कि पिछले दिनों नौशहरा के इलाक़े पिब्बी में एक ठेकेदार का मुंशी टैंकर के नीचे बम रखते हुए पकड़ा गया और उसी दौरान एक कार से फ़ायरिंग भी की गई.

उन्होंने बताया, "मुंशी ने पुलिस को बताया कि ठेकेदार का हुक्म है कि टैंकर के नीचे बम रखो क्योंकि वे तेल बेच चुके हैं. "

दोस्त मोहम्मद के अनुसार ठेकेदार 50 हज़ार लीटर तेल बेच देते हैं और सिर्फ़ दो तीन हज़ार लीटर छोड़ कर उसमें बम या आग लगा देते हैं.

उनका कहना है, "ठेकेदार को हर तरफ़ से फ़ायदा है. अगर पुरानी गाड़ी जल जाए तो नेटो की ओर से नई गाड़ी का पैसा मिल जाता है और जो तेल जल जाता है उसका भी पूरा पैसा मिलता है."

इल्ज़ाम का इंकार

दूसरी ओर नेटो को तेल पहुंचाने वाले एक ठेकेदार ने बीबीसी से बात करते हुए इन आरोपों को ख़ारिज कर दिया है.

उनका कहना है कि नेटो की ओर से रसद का बीमा किया जाता है और प्रीमियम अदा करने की ज़िम्मेदारी भी नेटो पर लागू होती है.

उनका कहना था कि ये बीमा स्थानीय कंपनियां करती हैं और बाद में ट्रांसपोर्टर टैंकर मालिकों को वास्तविक नुक़सान की भरपाई करते हैं.

उन्होंने बताया कि सिर्फ़ पाकिस्तान की सीमा में क्षति पहुंचने पर हरजाना मिलता है.

नौशहरा के ज़िला पुलिस अधिकारी निसार तनोली ने पुष्टि की है कि उनके इलाक़े में ऐसी दो घटनाएं हुई हैं जिनमें ऑयल टैंकरों को देसी बनावट के विस्फोटक से उड़ाने की कोशिश की गई है.

Image caption पाकिस्तान में नैटो के लिए तेल लेजाने वाले टैंकरों पर हमले आम हैं.

बीबीसी से बात करते हुए उन्होंने कहा "ये घटनाएं पिब्बी और अकोड़ा खटक के क़रीब स्थित वतक के इलाक़े में हुई हैं."

उन्होंने बताया, "पहले वहां एक दो रोज़ तक टैंकर खड़ा रखा गया उसके बाद घरों में जो विस्फोटक बनाया जाता है उसका प्रयोग किया, बाद में उन्हें एफ़आईआर की प्रति हासिल करने की जल्दी होती थी."

उन्होंने कहा कि उन्हें जांच में कोई दिलचस्पी नहीं थी, दूसरे रोज़ बीमा कंपनी वाले आ जाते थे.

ज़िला पुलिस अधिकारी निसार तनोली ने बताया, "जांच में हक़ीक़त सामने आने के बाद कुछ ड्राइवर और क्लीनर (ख़लासी) गिरफ़्तार किए गए हैं. कुछ मुल्ज़िम हमारे ज़िले के नहीं हैं जिन्हें इश्तिहारी क़रार दिया गया है."

उन्होंने बताया कि ऐसी घटनाएं भी हुई हैं जिनमें जहाज़ों के लिए इस्तेमाल होने वाले तेल को उन्होंने बेच दिया बाद में कहा कि तेल बह गया या उसमें आग लग गई.

दूसरी ओर पाकिस्तान के गृह राज्य मंत्री तसनीम अहमद क़ुरैशी ने टैंकर मालिकान के इल्ज़ाम को ख़ारिज कर दिया.

उनका कहना था कि उनके पास ऐसी कोई सूचना नहीं है कि नेटो के ठेकेदार ख़ुद ही गाड़ियों को आग लगवाते हैं या बम लगाते हैं.

बीबीसी से बात करते हुए उन्होंने कहा, "इस बारे में कभी किसी ने कोई शिकायत भी नहीं की."

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