कराची स्टेडियम की ज़मीन पर क़ब्ज़ा

Image caption पाक क्रिकेट बोर्ड ने अदालत में याचिका दायर की है

पाकिस्तान के खेल मंत्री एजाज़ जखरानी ने संसद को बताया है कि कराची के नेशनल क्रिकेट स्टेडियम की 33 एकड़ भूमि पर सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, न्यायाधीशों और एक निजी विश्वविद्यालय का क़ब्ज़ा है.

संसद के सत्र में प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने सांसद परवीन मसूद भट्टी के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि नेशनल स्टेडियम को एक सौ चार एकड़ भूमि आवंटित की गई है जिस में से 33 एकड़ पर क़ब्ज़ा हो गया है.

बीबीसी उर्दू संवाददाता एजाज़ महर का कहना है कि कराची के नेशनल क्रिकेट स्टेडियम की ज़मीन पर कब्ज़े का मामला संसद में उठा था लेकिन बात केवल चर्चा तक ही सीमित रही.

ग़ौरतलब है कि नेशनल स्टेडियम से सटी यह कराची शहर की मंहगी ज़मीन है जहाँ सेना के अधिकारियों और न्यायधीशों ने बड़े घर बना लिए हैं.

खेलमंत्री ने बताया कि स्टेडियम की 33 एकड़ ज़मीन में से 18 एकड़ सैन्य आवास योजना, छह एकड़ जजेज़ हाउसिंग स्कीम और नौ एकड़ आग़ा ख़ान विश्वविद्यालय के क़ब्ज़े में है.

खेलमंत्री के अनुसार पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कई साल पहले इस मामले को उठाया था लेकिन अभी तक इस में कोई प्रगति नहीं है और न ही किसी विभाग ने जवाब दिया है.

उन्होंने संसद में बताया कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अदालत में एक याचिका भी दायर की है और यह मामला अब अदालत में लंबित है.

हॉकी पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में खेलमंत्री एजाज़ जाखरानी ने कहा कि पिछले तीन सालों से सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान में हॉकी का कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं हो सका.

क्रिकेट के बारे में उनका कहना था कि 2007 से 2009 के बीच क्रिकेट के चार टेस्ट, दो एक दिवसीय और एक टी ट्वेंटी मैच हुए.

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