नेटो टैंकरों पर हमला, एक की मौत

Image caption कुछ दिन पहले शिकारपुर में भी नेटो तेल टैंकरों को जलाया गया.

पाकिस्तान में बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी कवैटा में संदिग्ध चरमपंथियों के हमले में अफग़ानिस्तान स्थित नेटो सेना को तेल की आपूर्ति करने वाले 10 टैंकर तबाह हो गए और एक व्यक्ति की मौत भी हो गई.

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई बुधवार की सुबह हुई और दो वाहनों में सवार हमलावरों ने शहर के अख़तराबाद इलाक़े में नेटो सेना को तेल की आपूर्ति करने वाले टैंकरों पर फाईरिंग शुरु कर दी.

बलूचिस्तान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी आमिर शकील ने बताया कि हमलावरों की फाईरिंग से तेल के टैंकरों को आग लग गई और 10 टैंकर बुरी तरह तबाह हो गए लेकिन टैंकर मालिकों का कहना है कि जब हमला हुआ उस समय 61 टैंकर मौजूद थे जिन में से केवल 18 टैंकर को बचाया जा सका है.

पुलिस अधिकारी आमिर शकील के मुताबिक कार्रवाई के बाद हमलावर फरार होने में सफल रहे और पुलिस उनकी तलाश कर रही है.

घटना के बाद पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने इलाक़े को घेर लिया और टैंकरों की तरफ आने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया है.

अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि इस हमले में एक व्यक्ति मारा गया है और एक घायल हो गया है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि टैंकरों में लगने वाली आग को कई घंटों की लगातार मेहनत के बाद बुझा लिया गया.

एक हफ्ता, तीन हमले

ग़ौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह के दौरान अफग़ानिस्तान में मौजूद अंतरराष्ट्रीय सेनाओं को तेल और दूसरे सामान की आपूर्ति करने वाले टैंकरों पर यह तीसरा हमला है.

इस से पहले 30 सितंबर को सिंध के उत्तरी ज़िले शिकारपुर के पास संदिग्ध चरमपंथियों ने हमला कर नेटो के 27 टैंकरों को तबाह कर दिया था और उस के चार दिन बाद इस्लामाबाद के निकट 10 टैंकर तबाह किए गए थे जिस में तीन लोगों की मौत भी हो गई थी.

अफग़ानिस्तान स्थित नेटो सेना के तेल टैंकरों पर ताज़ा हमलों की ज़िम्मेदारी तालिबान विद्रोहियों ने ली है जबकि पाकिस्तानी अधिकारी इन हमलों को नेटो सेना की ओर से पाकिस्तानी इलाक़ों में कार्रवाई का विरोध बता रहे हैं.

पाकिस्तान ने नेटो टैंकरों को अफग़ानिस्तान जाने पर रोक लगा दी है और सरकार का कहना है कि उस ने सुरक्षा कारणों से ऐसा फैसला लिया है.