अमरीका ने पाकिस्तान से क्षमा मांगी

  • 7 अक्तूबर 2010
एन पेटरसन
Image caption अमरीकी राजदूत ने माना कि नेटो सेनाओं से भूल हुई है.

अमरीका ने उस नैटो हमले के लिए पाकिस्तान से क्षमा मांगी है जिसमें कम से कम दो पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे. पाकिस्तान सैनिकों के मारे जाने के बाद पाकिस्तानी सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी.

इस्लामाबाद स्थित अमरिकी राजदूत एन पेटरसन ने अपने बयान में कहा, "हम पाकिस्तान सरकार और नैटो की कार्रवाई के शिकार सुरक्षाकर्मियों के परिजनों से माफ़ी मांगते हैं."

उन्होंने आगे कहा, "नैटो सेना के हेलीकॉप्टर ग़लती से पाकिस्तानी सीमा में दाख़िल हो गए थे और यह जाँच से पता चला है कि यह अमरीका की ग़लती थी."

अमरीकी राजदूत ने बताया कि अमरिका पाकिस्तान के साथ मिल कर एक ऐसी रणनीति बनाएगा ताकि भविष्य में इस प्रकार के हमले न हो सकें.

ग़ौरतलब है कि कुछ दिन पहले नैटो सेना के हेलीकॉप्टरों ने पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े कुर्रम एजेंसी में अफग़ानिस्तान की सीमा से सटी चेकपोस्ट पर हमला किया था जिस में तीन सुरक्षाकर्मी मारे गए थे और तीन अन्य घायल हो गए थे.

साझा जांच

Image caption पाकिस्तानी सैनिकों की अमरिकी हमले में मौत का देश में काफ़ी विरोध हुआ था.

पाकिस्तान ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया था और इसे सीमा का उल्लंघन बताया था.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसुफ़ रज़ा गिलानी ने अफग़ानिस्तान में मौजूद नैटो सेना से माफी माँगने की माँग की थी.

इसके बाद नैटो, अमरीकी और पाकिस्तानी अधिकारियों ने एक साझा जाँच शुरु की थी जो बुधवार को पूरी कर ली गई.

अफग़ानिस्तान में मौजूद अतंरराष्ट्रीय सेनाओं की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार जाँच की प्रारंभिक रिपोर्ट जारी कर दी गई है जिस में कहा गया है कि नैटो के हेलीकॉप्टरों ने कई बार पाकिस्तानी सीमा का उल्लंघन किया और पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों की ओर से गोलीबारी के बाद जवाबी हमला किया गया.

बयान में आगे यह भी कहा गया है कि नैटो और पाकिस्तानी सेना के बीच अगर बेहतर सहयोग होता तो इस प्रकार के हमले से बचा जा सकता था.

अफग़ानिस्तान में नैटो सेना के प्रमुख डेविड पेट्रयास ने कहा, "पाकिस्तानी इलाक़ों में नैटो सेना की कार्रवाई से हमें अफ़सोस है और हम भविष्य में पाकिस्तानी सेना और सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि इस प्रकार के हमलों से बचा जा सके."

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