कराची में दरगाह में धमाके, 10 की मौत

कराची की सूफ़ी अब्दुल्ला शाह दरगाह में धमाके

पाकिस्तान के कराची शहर में एक दरगाह के परिसर में दो आत्मघाती धमाके हुए हैं जिसमें 10 लोग मारे गए हैं.

सिंध के गृह मंत्री ज़ुल्फिक़ार मिर्ज़ा ने पत्रकारों को बताया कि दोनों धमाके आत्मघाती हमलावरों ने किए.

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने हमलावरों को रोकने की कोशिश की और इसी दौरान उन्होंने अपने आप को बम से उड़ा दिया.

हमलों की ज़िम्मेदारी तालिबान विद्रोहियों ने स्वीकार की है.

तहरीके तालिबान के प्रवक्ता एहसानुल्लाह ने बीबीसी संवाददाता दिलावर ख़ान वज़ीर को फोन कर बताया कि इस मज़ार पर जाने वाले तालिबान के ख़िलाफ थे इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया.

धमाके

कराची के व्यस्त और धनी इलाक़े में स्थित सूफ़ी अब्दुल्ला शाह गाज़ी की दरगाह पर आम तौर पर गुरूवार शाम को बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं और धमाकों के समय भी वहाँ काफ़ी भीड़ थी.

प्रत्यक्षदर्शियों ने बीबीसी को बताया कि धमाके दरगाह के मुख्यद्वार के पास हुए जब वहाँ लोग ग़रीबों को खाना बाँट रहे थे.

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बीबीसी से कहा,"मैंने लंबे बालों वाले एक लड़के को देखा. वह दरगाह की ओर आ रहा था जब उसने ख़ुद को उड़ा लिया".

सिंध प्रांत के एक शीर्ष पुलिस अधिकारी बाबर खटक ने बताया कि दोनों धमाके 10 सेकंड के अंतर पर हुए.

उन्होंने बताया कि धमाके दरगाह के मुख्यद्वार पर लगे मेटल डिटेक्टर के पास हुए.

शोक

Image caption सूफ़ी समुदाय ने हमले के विरोध में तीन दिन के शोक की घोषणा की है

कराची के सूफ़ी समुदाय ने कराची में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है और इस दौरान शहर में सभी दरगाहों को बंद रखा जाएगा.

अधिकारियों ने बताया कि कराची में दरगाह और उसके आसपास सुरक्षा काफ़ी कड़ी कर दी गई है.

हालाँकि सिंध के गृह मंत्री ज़ुल्फ़िकार मिर्ज़ा ने कहा है कि हरसंभव सुरक्षा के बावजूद मानवीय स्तर पर आत्मघाती हमलावरों को रोक पाना संभव नहीं है.

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने हमले की कड़ी निंदा की है.

कराची की दरगाह में हुए ये धमाके लाहौर में जुलाई में हुए धमाकों की ही तरह के धमाके हैं जहाँ एक सूफ़ी दरगाह पर दो आत्मघाती बम धमाके हुए थे.

दाता दरबार दरगाह पर हुए इन धमाकों में 40 से अधिक लोग मारे गए थे और लगभग 200 लोग घायल हुए थे.

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