धमाकों के बाद कराची में शोक

  • 8 अक्तूबर 2010
Image caption सूफी अब्दुल्लाह शाह की मज़ार को निशाना बनाया गया.

पाकिस्तान के कराची शहर में एक दरगाह के परिसर में दो आत्मघाती हमलों के बाद शहर में शोक मनाया जा रहा है और अधिकतर बाज़ार बंद हैं.

सूफी बुज़रुग अब्दुल्लाह शाह ग़ाज़ी के मज़ार के भीतर गुरुवार की शाम दो आत्मघाती धमाके हुए थे जिस में 10 लोग मारे गए और 55 के करीब घायल हो गए थे. घायलों में कुछ की स्थिति अब भी गंभीर बताई जा रही है.

तहरीके तालिबान पाकिस्तान ने इन धमाकों की ज़िम्मेदारी स्वीकार कर ली है.

आत्मघाती धमाकों के बाद शुक्रवार को शहर के अधिकतर बाज़ार बंद रहे लेकिन सरकारी और निजी दफ्तरे खुले थे.

शहर में यातायात सामान्य से बहुत कम था.

पुलिस के अनुसार दोनों धमाके मज़ार के प्रवेश द्वारों पर हुए थे. सिंध प्रांत के गृहमंत्री ज़ुल्फिक़ार मिर्ज़ा ने पत्रकारों को बताया था कि दोनों धमाके आत्मघाती थे और हमलावर मज़ार के अंदर दाख़िल होना चाहते थे.

सरकार ने सुरक्षा कारणों से कराची में मौजूद सभी मज़ारों को तीन दिनों केलिए बंद करने का फैसला लिया है.

अधिकारियों के अनुसार शहर के 25 मज़ारों को श्रद्धालुओं केलिए बंद किया गया है और पुलिस तैनात की गई है.

अधिकारियों ने बताया कि कराची में दरगाह और उसके आसपास सुरक्षा काफ़ी कड़ी कर दी गई है.

शहर में तनाव

हमले के बाद धार्मिक गुटों सुन्नी तहरीक और जाफरिया अलायंस की ओर से तीन दिवसीय शोक की घोषणा की गई है जिस का मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट ने समर्थन किय है.

Image caption आत्मघाती धमाकों से बच्चे भी घायल हो गए थे.

धमाकों के बाद कुछ इलाक़ों में लोगों ने आक्रोश में आ कर गोलीबारी की थी जिस से पाँच लोग घायल हो गए थे.

लोगों ने विभिन्न इलाक़ों में कुछ वाहनों को भी आग लगा दी थी.

कराची की दरगाह में हुए ये धमाके लाहौर में जुलाई में हुए धमाकों की ही तरह के धमाके हैं जहाँ एक सूफ़ी दरगाह पर दो आत्मघाती बम धमाके हुए थे.

दाता दरबार दरगाह पर हुए इन धमाकों में 40 से अधिक लोग मारे गए थे और लगभग 200 लोग घायल हुए थे.

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