'वार्ता में पाकिस्तान को शामिल किया जाए'

  • 12 अक्तूबर 2010
गिलानी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान सरकार और तालिबान के बीत शांति वार्ता उस वक़्त तक कामयाब नहीं हो सकती जब तक पाकिस्तान को शामिल नहीं किया जाता.

उन्होंने ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह प्रांत के शहर चारसदा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अफ़ग़ानिस्तान की समस्याओं का सामधान पाकिस्तान के बग़ैर संभव नहीं है.

उन्होंने आगे कहा, “हम अफ़ग़ानिस्तान की समस्या के समाधान का हिस्सा हैं, ख़ुद उसके लिए समस्या नहीं हैं.”

प्रधानमंत्री का बयान ऐस समय में आया है जब अफ़ग़निस्तान की सरकार तालिबान विद्रोहियों के साथ बातचीत करने की कोशिश कर रही है.

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कुछ दिन पहले अमरीकी टीवी चैनल सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि लड़ाई रोकने के लिए तालिबान के साथ ‘ग़ैर सरकारी तौर पर संपर्क’ किए जाते रहे हैं.

करज़ई का ये बयान उनके उस क़दम के तुरंत बाद आया था जिसमें उन्होंने तालिबान से बात करने के लिए एक ‘हाई पीस काउंसिल’ का गठन किया था.

प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “अफ़ग़ानिस्तान की शांति पाकिस्तान के साथ जुड़ी हुई है और तालिबान विद्रोहियों के साथ शांति वार्ता में पाकिस्तान सरकार को शामिल किया जाए ताकि यह कामयाब हो सके.”

उन्होंने बताया कि अफ़ग़ानिस्तान की सरकार पाकिस्तान को तालिबान के साथ शांति वार्ता में शामिल करने के लिए गंभीर रुप से विचार करेगी.

नकारात्मक परिणाम

पाकिस्तान में हो रहे लागातार अमरीकी ड्रोन विमानों के हमलों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह आंतकवाद के ख़िलाफ युद्ध को नुक़सान पहुँचा रहे हैं और इससे नकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं.

उन्होंने कहा, “हम ने बड़ी मुश्किल के साथ तालिबान विद्रोहियों और स्थानीय लोगों को अलग किया और अब ड्रोन हमलों की वजह से वह एक बार फिर साथ मिल रहे हैं.”

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “हम ने कई बार अपनी चिंताओं से अमरीका को अवगत कराया है और हमें आशा है कि ओबामा सरकार ड्रोन विमानों के हमलों पर फिर से विचार करगी.”

ग़ौरतलब है कि पिछले कई हफ़्तों से लगातार उत्तर वज़ीरिस्तान के विभिन्न इलाक़ों में अमरीकी ड्रोन हमले हो रहे हैं.

पिछले 29 दिनों के भीतर 26 ड्रोन हमले हुए हैं जिसमें 150 के क़रीब लोग मारे जा चुके हैं. मरने वालों में आम नागरिक भी शामिल हैं.

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