पाक में खाद्य संकट की चेतावनी

पाकिस्तान में बाढ़ पीड़ित

अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियों रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट ने चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान को तुरंत और सहायता न मिली तो देश के लाखों बाढ़ पीड़ितों के सामने खाद्य संकट उत्पन्न हो जाएगा.

राहत एजेंसियों का कहना है कि खाद्य सामग्री न मिलने वाले बाढ़ पीड़ितों की संख्या पहले ही बढ़ चुकी है और इस साल बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में फसलें नष्ट होने की वजह से अधिकतर पीड़ित सहायता पर निर्भर कर रहे हैं.

जानकारों का कहना है कि कई इलाक़ों में अब बाढ़ का पानी नहीं हैं लेकिन ज़मीन ऐसी नहीं है कि उसमें फसल उगाई जा सके.

रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट की क़तर की राजधानी दोहा में एक बैठक हुई जिस में पाकिस्तान के बाढ़ पीड़ितों के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता की अपील की गई.

दोनों एजेंसियों ने अतंरराष्ट्रीय समुदाय ने गुहार लगाई है कि पाकिस्तान बाढ़ पीड़ितों की सहायता में तेज़ी लाई जाए.

अगले साल के लिए

रेड क्रॉस के महासचिव बेकले गेलीटा ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान की बाढ़ वहाँ कुछ सालों पहले आए भूकंप से बड़ी विपदा है और उस का असर कई महीनों तक रहेगा.

उन्होंने कहा, “संकट अभी ख़तम नहीं हुआ है और हमें बाढ़ पीड़ितों के लिए अगले साल की खाद्य सामग्री पहुँचाने के लिए तैयार रहना चाहिए.”

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. देश के पहाड़ी इलाक़ों में लोगों के पास रहने के लिए घर नहीं हैं जबकि पंजाब के इलाक़ों में कृषि ज़मीनें तबाह हो गई हैं जिसकी वजह से ग़रीब किसान दिक्कतों का सामना कर रहे हैं.

उनके अनुसार सिंध में अब तक 14 लाख लोग राहत केंद्रों में रहने पर मजबूर हैं.

बयान में आगे कहा गया है कि पाकिस्तान में 75 लाख एकड़ ज़मीन तबाह हो गई है जिसकी वजह से किसान फसल नहीं ले सकते.

अभी पिछले गुरुवार को ही विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक ने कहा था कि बाढ़ से पाकिस्तान को करीब साढ़े नौ अरब अमरीकी डॉलर का नुक़सान हुआ है और बाढ़ प्रभावित इलाक़ों के निर्माण के लिए 30 अरब डॉलर की ज़रूरत है.

इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा था कि बाढ़ प्रभावित इलाक़ों के पुनर्निर्माण के लिए 37 अरब डॉलर की ज़रूरत है.

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