'बाढ़ पीड़ितों के लिए और मदद चाहिए'

  • 29 अक्तूबर 2010
बाढ़ पीड़ित

संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान के बाढ़ पीड़ितों के लिए मिलने वाली सहायता राशि में कमी पर चिंता व्यक्त की है और कहा है कि अब भी एक करोड़ बाढ़ पीड़ित सहायता पर निर्भर हैं.

पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारी मार्टन मोगवंजा ने बीबीसी उर्दू के संवाददाता हारुन रशीद से बातचीत में कहा कि पिछले कुछ हफ़्तों के दौरान बाढ़ पीड़ितों के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता में कमी देखी जा रही है.

उन्होंने कहा, “70 लाख बाढ़ पीड़ितों को अब भी सिर छिपाने के लिए घरों की ज़रूरत है और संयुक्त राष्ट्र को केवल 78 करोड़ अमरीकी डॉलर की सहायता राशि मिल पाई है.”

नवंबर के बाद होगी दिक्कत

उन के अनुसार एक करोड़ बाढ़ पीड़ितों को तुरंत खाद्य सामग्री की ज़रूरत है और विश्व खाद्य कार्यक्रम के पास नवंबर के बाद पीड़ितों को खाद्य सामग्री देने के लिए पैसे नहीं हैं.

उन्होंने कहा, “विश्व खाद्य कार्यक्रम इस समय 60 लाख पीड़ितों को खाद्य सामग्री दे रहा है और दिसंबर के महीने में खाद्य सामग्री केलिए उस के पास पैसे नहीं होंगे. उस से तुरंत सात करोड़ अमरीकी डॉलर की ज़रूरत है.”

मार्टन मोगवंजा के मुताबिक़ सिंध के कई इलाक़ों में अब भी बाढ़ का पानी मौजूद है इसलिए लोगों की वापसी का काम शुरु नहीं हो सका है.

उन्होंने माना कि राहत केंद्रों में इस समय बाढ़ पीड़ितों को खाद्य सामग्री, पानी और स्वास्थ्य की सुविधाएं सही तौर पर नहीं मिल रही हैं.

Image caption बाढ़ ग्रस्त इलाक़ों के कई बच्चे कुपोषण का भी शिकार हैं.

आगे और मुसीबत

उन्होंने बताया, “यह कमी ऐसे वक़्त देखी जा रही है जब सर्दी से बचाव के लिए लाखों पीड़ितों को सिर छिपाने के लिए जगह की ज़रूरत है. उन्हें गरम कपड़े चाहिएं और हमें पैसा चाहिए ताकि लोग, विशेषकर कुपोषित बच्चे महामारी का शिकार न हो जाएं.”

मार्टन मोगवंजा था कि इस समय बाढ़ग्रस्त इलाक़ों के पूनर्निर्माण का काम शुरु करना ज़रुरी है.

ग़ौरतलब है कि इस साल के अगस्त महीने में भारी बारिश और बाढ़ से पाकिस्तान में करीब दो करोड़ लोग प्रभावित हुए और दो हज़ार के करीब लोगों की मौत भी हो गई.

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