पुलिस मुख्यालय पर हमला, 20 की मौत

  • 12 नवंबर 2010
कराची में विस्फोट
Image caption धमाके में कई लोग बुरी तरह ज़ख़्मी हुए हैं.

पाकिस्तान के शहर कराची में एक ज़बरदस्त धमाके में अबतक कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई है. ये चरमपंथी हमला पुलिस की अपराध जांच शाखा यानि सीआईडी के दफ़्तर को निशाना बनाकर किया गया है.

धमाके में कम से कम 20 लोग मारे गए हैं और 150 के क़रीब लोग घायल हुए हैं.

धमाका जिस इलाके में हुआ है वह शहर के दक्षिणी हिस्से में मौजूद 'रेड ज़ोन' है. यहां सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम रहते हैं.

यह इलाका सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री निवास से कुछ ही दूरी पर है, जहां अमरीकी दूतावास की इमारत और शेरटॉन जैसे कई पांच सितारा होटल भी मौजूद हैं.

गोलीबारी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक गाड़ी सीआईडी की इमारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रही थी. इसी दौरान बंदूकधारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच गोलीबारी भी हुई जिसके बाद गाड़ी दीवार में टकराई और ज़ोरदार धमाका हुआ.

एक व्यक्ति ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि धमाके के स्थान पर तीन मीटर गहरा गढढा हो गया है.

सीआईडी की इमारत के अंदर मौजूद एक पुलिस अधिकारी ने बीबीसी को बताया, "क़रीब बारह चरमपंथियों ने इमारत में प्रवेश करने की कोशिश की जिसके बाद 15 मिनट तक गोलीबारी हुई. उसके बाद हमने एक पिक-अप ट्रक को इमारत में प्रवेश करने की कोशिश करते देखा."

सरकारी प्रवक्ता शर्मिला फ़ारुक़ी ने कहा, "मरने वालों में पांच पुलिसकर्मी हैं. हमें ख़बर मिली है कि मरने वालों में कुछ महिला पुलिसकर्मी भी हो सकते हैं क्योंकि इमारत में एक महिला थाना भी है. "

'ज़ोरदार धमाका'

अली ज़ैदी नाम के एक चश्मदीद ने बीबीसी को बताया, "मैं सड़क के उस पार कराची क्लब में टेनिस खेल रहा था जब मैंने गोलियों की आवाज़ सुनी. और उसके बाद एक ज़ोरदार धमाका हुआ. उसके बाद लोग इधर-उधर भागने लगे. मेरे कुछ दोस्त भी घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है."

धमाका इतना ज़ोरदार था कि उसकी आवाज़ शहर के कई इलाकों में कई किलोमीटर तक सुनाई दी.

धमाके का असर इलाक़े की कई इमारतों पर हुआ है. कहा जा रहा है कि दो किलोमीटर क्षेत्र में स्थित इमारतों की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए हैं.

दफ़्तरों पर निशाना

फ़िलहाल इस धमाके की किसी भी गुट ने ज़िम्मेदारी नहीं ली है लेकिन हाल के वर्षों तालिबान पुलिस और सेना की इमारतों पर इस तरह के हमले करता रहा है.

इस्लामाबाद स्थित बीबीसी संवाददाता शोएब हसन के अनुसार कराची में सीआईडी अधिकारियों और उनके दफ़्तरों के पहले भी निशाना बनाया जा चुका है.

शोएब हसन के मुताबिक सीआईडी ने बुधवार को कई चरमपंथियों को गिरफ़्तार किया था जिनका संबंध लश्कर-ए-झांगवी से बताया गया है. ये पाकिस्तान का एक ख़तरनाक चरमपंथी गुट है.

अल-क़ायदा से नज़दीकी संपर्क रखने वाला ये चरमपंथी गुट पाकिस्तान में कई बड़े हमलों में शामिल रहा है.

दिसंबर 2009 से शुरू हुई राजनीतिक हिंसा और चरमपंथी वारदातों में कराची में अबतक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं.

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