'अपनी हत्या का शक था ज़रदारी को'

विकीलीक्स के ताज़ा दस्तावेज़ों में पाकिस्तान से जुड़े नए तथ्य सामने आए हैं. नई जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी को शक था कि उनकी हत्या कर दी जाएगी और हत्या की सूरत में ज़रदारी ने निर्देश छोड़े थे कि उनकी बहन पार्टी अध्यक्ष बन जाए.

अन्य संदेशों में पता चला है कि पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष जनरल अशफ़ाक़ कियानी ने इस बात पर विचार किया था कि राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी को पिछले साल सत्ता से हटा दिया जाए.

ये भी कहा गया है कि पाकिस्तान में स्थायित्व को लेकर अमरीका में चिंता लगातार बढ़ रही है.

दस्तावेज़ों के मुताबिक पाकिस्तानी में वरिष्ठ अमरीकी अधिकारियों को लगता है कि सेना कम से कम तीन बड़े चरमपंथी गुटों को समर्थन दे रही है ताकि पूरे क्षेत्र में भारत के प्रभाव को कम किया जा सके.

इन गुटों में अफ़ग़ानिस्तान में सक्रिय तालिबान भी शामिल है.

वहीं पाकिस्तान ने अमरीका की गोपनीय जानकारियाँ सर्वजानिक करने वाली वेबसाइट विकीलीक्स की कड़ी आलोचना की है और उसके दस्तावेज़ों को सिरे से नकार दिया है.

प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि वे विकीलीक्स पर विश्वास नहीं करते और उसकी सब जानकारियाँ विश्वसीय नहीं हैं.

विकीलीक्स पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, “विकीलीक्स पर मैं विश्वास नहीं करता हूँ और मुझे इन जानकारियों का कुछ पता नहीं है. अगर आप विकीलीक्स पर विश्वास करते हैं तो वह आपकी मर्ज़ी है लेकिन मुझे उस पर विश्वास बिल्कुल नहीं है.”

उन्होंने आगे बताया, “मैं कहता हूँ कि विकीलीक्स की जानकारियाँ सही नहीं हैं और उसमें कोई सच्चाई भी नहीं है. विकीलीक्स विश्वसनीय नहीं है जिस पर भरोसा किया जा सके.”

प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी के अनुसार उन्होंने इस्लामाबाद स्थित अमरिकी राजदूत से कहा है वह इस संबंध में अपने तंत्र को मज़बूत करें और सरकारी दस्तावेज़ों का इस प्रकार से सर्वजानिक होना ठीक नहीं है.

परमाणु सुरक्षा पर चिंता

विकीलीक्स की ओर से पाकिस्तान के बारे में कई नए अमरिकी संदेश जारी किए गए हैं जिसमें यह भी कहा गया है कि अमरिका और ब्रिटेन को पाकिस्तान की परमाणु सामग्री पर चिंता है.

ब्रिटेन में पाकिस्तान के राजदूत वाजिद शमसुल हसन ने कहा कि पाकिस्तान की परमाणु सामग्री सुरक्षित हाथों में है.

उन्होंने बीबीसी से बात करते हुए कहा, “ये चिंताएं ठीक नहीं हैं और पाकिस्तान ने हमेशा खुले तौर पर कहा है कि उसकी परमाणु सामग्री सुरक्षित हाथों में है. यह हमारी महत्वपूर्ण संपत्ति है और इसको किसी और के हाथों में देने की इजाज़त नहीं देंगे.”

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित के अनुसार इस प्रकार की चिंताएँ पहले भी जताई गईं थीं और कोई अप्रीय घटना नहीं हुई.

उन्होंने कहा कि अब भी दुनिया को चिंता नहीं करनी चाहिए क्योंकि पाकिस्तान के परमाणु प्रतिष्ठान सुरक्षा के मज़बूत घेरे में हैं.

विकीलीक्स की ओर से एक और संदेश में कहा गया है कि पाकिस्तान सरकार क़बायली इलाक़ों में हो रहे अमरीकी ड्रोन हमलों का विरोध करती है लेकिन उसने अंदरूनी तौर पर अमरीका को समर्थन का आश्वासन दिया है.

इस पर विदेश मामलों के राज्य मंत्री तस्नीम कुरैशी ने प्रतिक्रिया व्यक्त की और इस दस्तावेज़ को निराधार क़रार दिया.

विकीलीक्स के ओर से जारी संदेशों में पाकिस्तान की सेना पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं लेकिन सेना की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

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