'विकीलीक्स ने छवि ख़राब की'

  • 3 दिसंबर 2010
विकीलीक्स
Image caption विकीलीक्स के दस्तावेज़ों में पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं.

पाकिस्तान सरकार ने अमरीकी विदेश मंत्रालय की गोपनीय जानकारियां सर्वजानिक करने वाली वेबसाइट विकीलीक्स की फिर से कड़ी आलोचना की है और कहा है कि वेबसाइट पाकिस्तान की छवि ख़राब करने की कोशिश की है.

प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी की अध्यक्षता में शुक्रवार को रक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई जिस में सेनाध्यक्ष जनरल अशफाक़ कियानी, गृहमंत्री रहमान मलिक और रक्षा मंत्री सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया.

इस बैठक में विकीलीक्स की कड़ी आलोचना की गई और इसे पाकिस्तान के ख़िलाफ एक साज़िश कहा गया.

विकीलीक्स में राष्ट्रपति आसिफ ज़रदारी, प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी, गृहमंत्री रहमान मलिक सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों और सेना के ख़िलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं.

विकीलीक्स की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद पाकिस्तान सरकार की यह पहली उच्चस्तरीय बैठक है.

बैठक के बाद जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि विकीलीक्स ने पाकिस्तान की छवि को ख़राब करने की कोशिश की है.

ग़ौरतलब है कि इससे पहले प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने विकीलीक्स के बारे में कहा था कि उस की जानकारियां विश्वसनीय नहीं हैं और वे उस पर विश्वास भी नहीं करे हैं.

सेना ने अभी तक विकीलीक्स पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है हालांकि उस के ख़िलाफ़ आरोप काफी गंभीर हैं.

हिलेरी का ज़रदारी को फ़ोन

उस के पहले अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने राष्ट्रपति आसिफ ज़रदारी से फोन पर बात की और विकीलीक्स के दस्तावेज़ों को लेकर उन को विश्वास में लिया.

राष्ट्रपति भवन से जारी एक बयान में कहा गया कि टेलीफोन पर हुई बातचीत में दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि विकीलीक्स की जानकारियाँ ग़ैरक़ानूनी हैं.

बयान के अनुसार दोनों नेताओं ने एक दूसरे को यकीन दिलाया कि विकीलीक्स के बाद दोनों देशों के सामरिक संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

ग़ौरतलब है कि विकीलीक्स ने पाकिस्तान के बारे में कई जानकारियां सार्वजनिक की थी. इसमें से एक ये भी थी कि जनरल कियानी ने एक बार राष्ट्रपति ज़रदारी को सत्ता से हटाने पर विचार किया था.

इसके अलावा पंजाब के मुख्य मंत्री ने जमात-उल-दावा की मदद की थी, पाकिस्तानी सरकार ने क़बायली इलाक़ों में हो रहे अमरीकी ड्रोन हमलों का समर्थन किया था और मुंबई हमलों के बाद सेना ने आईएसआई प्रमुख शुजा पाशा को भारत जाने से रोका था जैसी जानकारियां भी सामने आईं.

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