पाक को भारत-फ्रांस परमाणु क़रार पर चिंता

  • 10 दिसंबर 2010
अब्दुल बासित
Image caption कराची में पत्रकारों से बात करते पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित

पाकिस्तान ने भारत और फ्रांस के बीच हुए परमाणु समझौते पर चिंता व्यक्त की है और इसे दक्षिण एशिया की शांति के लिए ख़तरा क़रार दिया है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने पत्रकारों को बताया कि भारत और फ्रांस के बीच परमाणु क़रार से क्षेत्र में विभिन्न देशों के संतुलन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और यह दक्षिण एशिया की संप्रभुता के लिए भी ठीक नहीं है.

उन्होंने बताया, “हम समझते हैं कि इस प्रकार के समझौते शांति के लिए हो रहे सहयोग को केवल नुक़सान पहुँचाते हैं बल्कि क्षेत्र में असंतुलन पैदा करते हैं जिससे विश्व शांति को ख़तरा हो सकता है.”

ग़ौरतलब है कि फ्रांस के राष्ट्रपति निकोला सारकोज़ी ने सोमवार को दिल्ली में भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ एक परमाणु करार पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके अनुसार फ्रांस भारत को दो परमाणु रिएक्टर देगा.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भारतीय विदेश सचिव जी के पिल्लई के उस बयान को भी रद्द कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान मुंबई हमलों के मुक़दमे की कार्यवाही में केवल दिखावा कर रहा है.

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में चल रहे मुंबई हमलों के मुक़दमे को लेकर भारतीय विदेश सचिव का बयान ग़लतफहमी पैदा करने वाला है और पाकिस्तान गंभीरता से इस मुक़दमे की पैरवी कर रहा है.

उन्होंने आगे कहा कि इस मुक़दमे की सफल समाप्ति केलिए भारत का सहयोग ज़रुरी है और भारत को इस सिलसिले में बहुत कुछ करना चाहिए ताकि मुक़दमे की कार्यवाही आगे बढ़ सके.

उन्हों बताया कि इस मुक़दमे में अजमल आमिर क़साब और भारतीय अधिकारियों के बयान की ज़रूरत है और पाकिस्तान ने बयान रिकॉर्ड करने के लिए भारत को एक आयोग का प्रस्ताव दिया है.

उनके अनुसार भारत की ओर से इस प्रस्ताव का पाकिस्तान को इंतज़ार है.

ग़ौरतलब है कि रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधक अदालत में लश्करे तैबा के वरिष्ठ नेता ज़की-उर-रहमान लखवी सहित सात अभियुक्तों के ख़िलाफ मुंबई हमलों का मुक़दमा चल रहा है.

क़ुरैशी की भारत यात्रा

एक सवाल के जवाब में अब्दुल बासित ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत से अगर कोई सकारात्मक परिणाम निकले तो विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी अगले साल भारत की यात्रा पर जा सकते हैं.

उन्हेंने बताया कि पाकिस्तान को उम्मीद है कि भारत बातचीत के लिए पाकिस्तान की ओर से दिए गए प्रस्तावों का तुरंत जवाब देगा.

अमरीकी विदेश मंत्रालय के गोपनीय दस्तावेज़ सार्वजनिक करने वाली वेबसाईट विकीलीक्स पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर अमरीका इन दस्तावेज़ों की पुष्टि करता है तो पाकिस्तान इस पर कुछ कहने की स्थिति में होगा.

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