पाकिस्तान में गाली-गलौज लाइव

अल्ताफ़ हुसैन
Image caption अल्ताफ़ हुसैन को भी ख़ूब खरी खोटी सुनाई गई

राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता जो न कराए. प्रतिद्वंद्विता के नित नए किस्से तो सामने आते ही रहते हैं लेकिन पाकिस्तान में जो कुछ हुआ, उसने तो मर्यादाओं की हद भी पार कर ली.

एक राष्ट्रीय टीवी पर दो राजनीतिक पार्टियों के नेता भिड़ गए. ऐसे भिड़े कि न गरिमा का ख़्याल रहा और न ही भाषा का.

हुआ यों कि एक राष्ट्रीय टीवी चैनल पर पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के नेता चौधरी निसार ने एमक्यूएम पर गंभीर आरोप लगाए.

उन्होंने सत्ताधारी गठबंधन में शामिल एमक्यूएम पर कट्टरपंथ और हिंसा का आरोप लगाया. बस फिर क्या था एमक्यूएम के नेताओं ने जवाबी आरोप लगाने में समय नहीं लगाया.

आरोप

पार्टियों की बात होते-होते व्यक्तियों की बात होने लगी और फिर आरोप-प्रत्यारोप में किसी को ये भी ख़्याल नहीं रहा कि जो भी हो रहा है, वो राष्ट्रीय टेलीविज़न पर हो रहा है.

Image caption नवाज़ शरीफ़ को भी नेताओं ने नहीं बख़्शा

एमक्यूएम के नेताओं ने चौधरी निसार का काफ़ी मज़ाक बनाया और कहा कि उनका चेहरा कॉमेडियन कैरेक्टर मिस्टर बीन से मिलता है.

इन नेताओं ने दावा किया कि चौधरी निसार विग पहनकर संसद में जाते हैं. बात यहीं ख़त्म नहीं हुई. व्यक्तिगत छींटाकशी के दायरे में नवाज़ शरीफ़ भी आ गए.

एमक्यूएम नेताओं ने उन्हें गंजा तक कह डाला और सलाह दे डाली कि ब्रिटेन में अपने प्रवास के दौरान उन्हें बालों का प्रत्यारोपण करा लेना चाहिए था.

उन्होंने नवाज़ शरीफ़ की बेटी पर भी आरोप लगाए. लेकिन आरोप-प्रत्यारोप यहीं नहीं रुका. जवाब में पीएमएल (नवाज़) के नेताओं ने अल्ताफ़ हुसैन की वैवाहिक समस्याओं और उनकी मानसिक स्थिति की बात छेड़ दी.

बीबीसी संवाददाता अलीम मक़बूल का कहना है कि टीवी पर हुई इस भिड़ंत से पाकिस्तानी मीडिया को मसाला तो ज़रूर मिल गया है लेकिन जानकार इस तरह एक-दूसरे पर कींचड़ उछालने की घटना से निराश हैं.

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