सलमान तासीर की हत्या की व्यापक निंदा

  • 5 जनवरी 2011
सलमान तासीर और आसिया बीबी
Image caption आसिया बीबी के प्रति जताई गई हमदर्दी सलमान तासीर के लिए घातक साबित हुई

पाकिस्तान के सुपरिचित उदारवादी नेता और पंजाब प्रांत के गवर्नर सलमान तासीर की इस्लामाबाद में हुई हत्या की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक निंदा हुई है.

अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि सलमान तासीर ने सहिष्णुता को बढ़ावा दिया.

जबकि संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने उनकी हत्या को 'पाकिस्तान की क्षति' कहा है.

सलमान तासीर को मंगलवार को इस्लामाबाद में उनके ही अंगरक्षक ने गोली मार दी थी. माना जा रहा है कि ईशनिंदा क़ानूनों की आलोचना करने की वजह से ही उनकी हत्या की गई.

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के वरिष्ठ सदस्य रहे सलमान तासीर ने पिछले दिनों उन्होंने ईसाई महिला आसिया बीबी से मुलाक़ात की थी. आसिया बीबी को ईश-निंदा के आरोप में मौत की सज़ा सुनाई जा चुकी है. तासीर ने उनकी माफ़ी के लिए राष्ट्रपति से अनुरोध करने का आश्वासन दिया था.

इसके बाद से ही उन्हें धमकियाँ मिल रही थीं.

बुधवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

निंदा

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा, "मुझे गवर्नर तासीर से पाकिस्तान में मिलने का मौक़ा मिला था. सहिष्णुता और अगली पीढ़ी की शिक्षा के लिए वे जो काम कर रहे थे, उसने मुझे प्रभावित किया था."

उन्होंने कहा, "उनकी निधन से बड़ी क्षति हुई है. अमरीका शांति और स्थायित्व के प्रयासों में लगे पाकिस्तानियों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है."

जबकि ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने कहा है कि वे इस हत्या से सदमे में हैं.

ब्रिटेन में पाकिस्तान के उच्चायुक्त वाजिद शमशुल हसन ने बीबीसी के एक कार्यक्रम में कहा कि इस हत्या से उनके देश का विभाजन उजागर हुआ है.

उन्होंने कहा, "इसने दिखाया है कि आपको अल्पसंख्यक धार्मिक लोग बंधक बना सकते हैं और चाहे जो कर सकते हैं. हम यह सब पाकिस्तान में नहीं होने देंगे."

जाँच

Image caption मलिक मुमताज़ हुसैन क़ादर ने कथित तौर पर मान लिया है कि गोली उसी ने चलाई थी

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि 66 वर्षीय तासीर इस्माबाद के कोहसार मार्केट में जब अपनी कार की ओर लौट रहे थे तो उनके अंगरक्षकों में से एक ने उन पर ऑटोमैटिक रायफ़ल से गोलियाँ बरसाईं.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सलमान तासीर के सीने पर कई गोलियाँ लगी और वे गंभीर रुप से घायल हो गए. इसके बाद उन्हें करीबी अस्पलात पहुँचाया गया जहाँ डॉक्टरों ने सलमान तासीर को मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों के अनुसार उनके सीने पर नौ गोलियाँ लगीं.

पुलिस ने घटनास्थल को घेरे में लिया और कुछ संदिग्ध लोगों को भी गिरफ्तार किया.

बाद में पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक का कहना है कि गार्ड मलिक मुमताज़ हुसैन क़ादरी ने अपना अपराध क़बूल कर लिया है.

पत्रकारों को उन्होंने बताया, "जिस पुलिस गार्ड ने तासीर की हत्या की है उसका कहना है कि उसने हत्या इसलिए की क्योंकि तासीर ने ईश-निंदा क़ानून में परिवर्तन का समर्थन किया था. यह उसने अपने आपको पुलिस के हवाले करने के बाद बताया है."

उनका कहना था, "लेकिन हम इस बात की जाँच कर रहे हैं कि यह किसी एक व्यक्ति का ही काम है या इसके पीछे दूसरे लोग भी हैं."

प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है और शांति क़ायम रखने की अपील की है.

उन्होंने सलमान तासीर की हत्या की तुरंत जाँच करवाने के भी आदेश दिए हैं.

इस समय सलमान तासीर के पार्थिव शरीर को उनके गृहनगर लाहौर में रखा गया है जहाँ राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

उदारवादी नेता

कुछ दिन पहले सलमान तासीर ने ईश-निंदा के आरोप में मौत की सज़ा काट रही ईसाई महिला आसिया बीबी से मुलाक़ात की थी और उनकी माफ़ी के लिए राष्ट्रपति से अनुरोध करने का आश्वासन दिया था.

इसके बाद से उनको धमकियाँ मिल रही थीं.

Image caption तासीर राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के क़रीबी माने जाते थे

उनके मित्रों का कहना है कि वे जब ऐसे बयान दे रहे थे तो वे जानते थे कि वे अपनी जान ख़तरे में डाल रहे हैं.

उनके एक मित्र ने बीबीसी से कहा, "इस हत्या ने हमें रास्ता दिखाया है कि हम उनके विचारों को आगे बढ़ाने का काम करें."

सलमान तासीर पाकिस्तान की अहम राजनीतिक हस्तियों में से एक थे.

उनकी हत्या ऐसे समय हुई है जब पाकिस्तान राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुज़र रहा है.

दिसंबर, 2007 में हुई पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टों की हत्या के बाद यह पाकिस्तान की दूसरी बड़ी राजनीतिक व्यक्ति की हत्या है.

बीबीसी संवाददाता अलीम मक़बूल का कहना है कि इस हत्या से पाकिस्तान में अस्थिरता का दौर और बढ़ेगा.

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