कराची में ज़ोरदार प्रदर्शन

कराची प्रदर्शन
Image caption प्रदर्शनकारियों की संख्या 30 हज़ार से ऊपर बताई जा रही है

पाकिस्तान में ईशनिंदा क़ानून में प्रस्तावित बदलाव के विरोध में कराची में हज़ारों लोगों ने प्रदर्शन किया है.

पंजाब प्रांत के गवर्नर सलमान तासीर की हत्या के बाद से पाकिस्तान में ईशनिंदा क़ानून पर बहस तेज़ हो गई है और पूरा देश दो तबक़ों में बँट गया दिख रहा है.

पाकिस्तान का उदारवादी ख़ेमा इस हत्या के बाद उभरे माहौल से सकते में है जबकि मज़हबी बिरादरी में हत्या की बात स्वीकार करने वाले सुरक्षाकर्मी को एक महान नायक के रूप में देखा जा रहा है.

सलमान तासीर ने ईशनिंदा क़ानून में बदलाव की बात कही थी, उनका कहना था कि इस क़ानून का दुरुपयोग किया जा रहा है इसलिए इसमें बदलाव की ज़रूरत है, इसके बाद उनके सुरक्षाकर्मी ने मंगलवार को उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी.

ईशनिंदा के क़ानून के तहत हज़रत मोहम्मद की अवमानना करने का दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को मौत की सज़ा दी जा सकती है.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पत्रकारों से कहा कि कराची में रविवार को आयोजित रैली में कम से कम 30 हज़ार लोगों ने हिस्सा लिया है.

इस रैली में शामिल लोगों ने सलमान तासीर पर गोली चलाने वाले मलिक मुमताज़ कादरी की तस्वीरों वाले पोस्टर उठा रखे थे, इन लोगों ने कादरी की फ़ौरन रिहाई की माँग करते हुए नारे लगाए.

इन पोस्टरों पर लिखा था, "क़ादरी क़ातिल नहीं, इस्लाम का सिपाही है". एक अन्य पोस्टर पर लिखा था, "हम जान दे देंगे लेकिन पैगंबर की बेहुरमती नहीं सहेंगे."

रैली में शामिल कई लोगों ने कहा कि "अगर कादरी को सज़ा दी गई तो उन जैसे हज़ारों लोग सामने आएँगे."

हमेशा व्यस्त रहने वाले महानगर कराची में इस रैली की वजह से कारोबार पूरी तरह ठप हो गया और कई सड़कों को बंद करना पड़ा.

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