अमरीका से कई मसलों पर बात करेंगे ज़रदारी

ज़रदारी
Image caption ज़रदारी हिलेरी क्लिंटन से आपसी मसलों पर भी बातचीत भी करने वाले हैं

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी गुरुवार को अमरीका पहुँच रहे हैं जहाँ वो शुक्रवार को अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन और अमरीकी प्रशासन के अन्य अधिकारियों से बातचीत करेंगे.

राष्ट्रपति ज़रदारी अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के लिए अमरीकी राजदूत रिचर्ड हॉलब्रुक की याद में हो रहे समारोह में भाग लेने आ रहे हैं. हॉलब्रुक का पिछले महीने निधन हो गया था. वाशिंगटन में पाकिस्तानी राजदूत हुसैन हक्कानी के अनुसार, ''यूँ तो राष्ट्रपति ज़रदारी के वाशिंगटन आने का मकसद हॉलब्रुक की याद में हो रहे समारोह में भाग लेना है लेकिन वो सरकारी तौर पर हिलेरी क्लिंटन से आपसी मसलों पर भी बातचीत भी करने वाले हैं.''

उन्होंने कहा, "इस मुलाक़ात में दोनों देशों के बीच संबंधों और रणनीतिक मसलों पर बातचीत होगी. पाकिस्तान, अमरीका और अफ़ग़ानिस्तान की फ़रवरी में होने वाली कॉन्फ्रेंस पर भी बातचीत होगी. अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तान की भूमिका पर भी विचारों का आदान प्रदान होगा." अफ़ग़ानिस्तान के संबंध में उन्होंने कहा उनके देश ने अमरीका को साफ़ कर दिया है कि किसी भी समझौते में पाकिस्तान की भूमिका अहम होनी चाहिए और पाकिस्तान के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी भी देश को अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तान की भूमिका के बारे में कोई संदेह नहीं होना चाहिए.

अमरीका ने बार बार कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान के भविष्य में किसी भी समझौते में पड़ोसी देशों का योगदान ज़रूरी है जिसमें भारत भी शामिल है.

भारत ने अफ़ग़ानिस्तान में सड़कें और पुल इत्यादि बनाने के लिए एक अरब डालर का निवेश किया हुआ है और सैंकड़ों भारतीय मजदूर पुनर्निर्माण के काम में लगे हुए हैं.

अमरीका इस साल जुलाई से अपने सैनिकों को देश वापस भेजने का सिलसिला शुरू करने वाला है. लेकिन अमरीका इस बात की भी कोशिश कर रहा है कि उसके सैनिकों की पूरी वापसी से पहले अफ़ग़ानिस्तान में राजनीतिक समझौता हो जाए. पाकिस्तानी राजदूत के अनुसार राष्ट्रपति ज़रदारी शुक्रवार को हिलरी क्लिंटन से अपनी मुलाक़ात के दौरान पाकिस्तान और अमरीका के बीच चौथे दौर की रणनीतिक बातचीत पर भी विचार विमर्श करने वाले हैं.

जब उनसे पूछा गया कि क्या पाकिस्तान अमरीका की वो बात मानेगा जिसमें अमरीकी पाकिस्तान के उत्तरी वज़ीरिस्तान में तालिबान और अल कायदा ठिकानों पर सैनिक कार्रवाई करने पर बल दे रहा है, तो हक्कानी ने कहा, "पाकिस्तान की धरती पर कोई भी सैन्य कार्रवाई केवल किसी के कहने पर नहीं होगी और ये अमरीकी भी जानते हैं."

अमरीका पिछले कई महीनों से पाकिस्तान से उत्तरी वजीरिस्तान में सैनिक कार्रवाई पर जोर दे रहा है लेकिन पाकिस्तान की फ़ौज और सरकार दोनों ने यही रुख़ अपनाया है कि अगर ये पाकिस्तान के हित में हुई तब ही की जाएगी.

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