कराची में हिंसा के बाद कर्फ़्य़ू

Image caption कराची में पुलिस जगह जगह वाहनों की तलाशी ले रही है

पाकिस्तान में कराची में जारी हिंसा को रोकने की कोशिश के तहत महानगर के कई हिस्सों में कर्फ़्यू लगा दिया गया है.

वहाँ पिछले तीन दिनों से जारी राजनीतिक हिंसा में 20 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.

शनिवार को इस हिंसा के सिलसिले में कई लोगों को गिरफ़्तार भी किया गया था.

पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने हिंसा के न थमने के बाद कर्फ़्यू लगाए जाने की घोषणा की है.

जानकारों का कहना है कि कराची में लंबे समय से जारी हिंसा की जड़ में वहाँ सक्रिय दो प्रमुख राजनीतिक दल हैं, पठानों का प्रतिनिधित्व कराने वाली अवामी नेशनल पार्टी (एएनपी) और उर्दूभाषी लोगों के बीच काम करने वाली मुत्तहिदा क़ौमी मूवमेंट (एमएक्यूएम) के लगातार टकराव होते रहते हैं.

दिलचस्प बात ये है कि दोनों पार्टियाँ मौजूदा पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की सरकार का समर्थन कर रही हैं.

पाकिस्तान के गृह मंत्री ने कहा कि एमक्यूएम के नेता अल्ताफ़ हुसैन और एएनपी के असफ़ंदियार वली, हिंसा की इन घटनाओं से चिंतित हैं.

कराची में राजनीतिक हिंसा को 'टारगेटेड किलिंग' कहा जा रहा है जिसमें दोनों तरफ़ के सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ताओं को चुनकर निशाना बनाया जाता है.

इस सप्ताह मारे गए लोगों में निजी टीवी चैनल 'जियो टीवी' के रिपोर्टर वली ख़ान बाबर भी शामिल हैं, कराची में पत्रकारों ने उनकी हत्या के विरोध में प्रदर्शन किया है.

पिछले वर्ष अचानक तेज़ हुए दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव में कराची में सैकड़ों लोगों की जानें जा चुकी हैं.

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