नैटो को सामान आपूर्ति में भ्रष्टाचार

  • 19 जनवरी 2011
सुप्रीम कोर्ट
Image caption सुप्रीम कोर्ट में नैटो सेना को सामान की आपूर्ति में भ्रष्टाचार के मामलों की सुनवाई हो रही है

अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद नैटो सेना को पाकिस्तान से होने वाले सामान की आपूर्ति में 37 अरब रुपए की टैक्स चोरी और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है.

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस इफ़्तिख़ार चौधरी की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने पाकिस्तान से नैटो सेना को सामान की आपूर्ति में टैक्स चोरी और भ्रष्टाचार के एक मामले की सुनवाई की.

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने अदालत में एक रिपोर्ट पेश की है जिसमें कहा गया है कि 37 अरब रुपय की टैक्स चोरी और भ्रष्टाचार के मामले पहली जनवरी 2007 से 24 दिसंबर 2010 के बीच हुए हैं.

अदालत ने केंद्रीय राजस्व विभाग के अध्यक्ष को आदेश दिया है कि वह इस अवधि के सभी दस्तावेज़ों की रिपोर्ट अदालत में पेश करें.

ख़ज़ाने को नुक़सान

अदालत ने केंद्रीय राजस्व विभाग को यह भी आदेश दिया है कि वह टैक्स चोरी और भ्रष्टाचार में मामलों में लिप्त लोगों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करे जिन्होंने राजकोष को भारी नुक़सान पहुँचाया है.

मुख्य न्यायधीश जस्टिस इफ़्तिख़ार चौधरी ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि रिपोर्ट से लगता है कि सरकारी ख़ज़ाने को इससे ज़्यादा नुक़सान पहुँचाया गया है.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था तबाह हो चुकी है और लोग फिर भी टैक्स चोरी कर रहे हैं.

उनका कहना था कि ख़ज़ाने को नुक़सान पहुँचाने वाले अपराधी हैं और उन लोगों को सज़ा दी जाएगी.

अदालत ने इस मामले में नेशनल लॉजिस्टिक सेल के वरिष्ठ अधिकारियों को भी नोटिस जारी किया है.

नेशनल लॉजिस्टिक सेल पाकिस्तानी सेना की एक संस्था है.

मुक़दमे की अगली सुनवाई 27 जनवरी को होगी.

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