अमरीकी दूतावास कर्मी ने दो को गोली मारी

  • 28 जनवरी 2011
दूतावास अधिकारी की कार इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption पुलिस थाने के साथ खड़ी दूतावास अधिकारी की कार

पाकिस्तान में लाहौर के अमरीकी वाणिज्य दूतावास में काम करने वाले एक अमरीकी व्यक्ति ने गुरुवार को लाहौर की भीड़ भरी सड़क पर दो पाकिस्तानी लोगों को गोली मार दी.

ये दोनों मोटरसाइकिल पर सवार थे.

पुलिस ने इस अधिकारी को घटना के तुरंत बाद हिरासत में ले लिया था लेकिन ख़बरें हैं कि बाद में उन्हें वाणिज्य दूतावास जाने की अनुमति दे दी गई.

अब पुलिस ने उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया है. बताया गया है कि वे दूतावास में काम करते हैं लेकिन वे राजनयिक नहीं हैं.

इस अधिकारी का कहना है कि उसने आत्मरक्षा में गोली चलाई और ये लोग उनकी कार छीनने की कोशिश कर रहे थे.

पुलिस ने एक और व्यक्ति अनाम व्यक्ति के भी ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है.

उस पर आरोप है कि उसने अमरीकी वाणिज्य दूतावास की गाड़ी से एक मोटरसाइकिल सवार को कुचल दिया.

बताया जा रहा है कि वह व्यक्ति गाड़ी लेकर पहले घटी घटना स्थल पर पहुँचने की हड़बड़ी में था.

वॉशिंगटन में अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता पीजे क्राउली ने कहा है कि अमरीका यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेगा कि इस घटना से दोनों देशों के संबंधों पर कोई असर न हो.

घटना

पुलिस का कहना है कि इस अमरीकी दूतावास के कर्मचारी ने अपनी पिस्तौल से गोलियाँ चलाईं थीं.

अब पुलिस यह जाँच कर रही हैं कि क्या दोनों मोटरसाइकिल सवार लुटेरे थे.

पुलिस ने उन दोनों के पास से हथियार बरामद किए हैं.

लाहौर पुलिस के अनुसार इस अमरीकी अधिकारी के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.

स्थानीय मीडिया का कहना है कि जिस कार में वाणिज्य दूतावास के अधिकारी सवार थे वह अधिकृत अमरीकी कार है और इसके विंडस्क्रीन पर गोलियों के कई निशान दिख रहे थे.

पुलिस का कहना है कि गोलीबारी की घटना के तुरंत बाद इस अधिकारी ने रेडियो संदेश भेजकर अपने एक सहयोगी को ख़बर दी और इसके बाद दूतावास से एक गाड़ी उनकी सहायता के लिए निकल पड़ी.

लेकिन इस दूसरी गाड़ी ने रास्ते में एक दूसरे मोटर साइकिल को ठोकर मार दी जिससे एक युवक की मौत हो गई.

घटना के बाद वहाँ जमा हुई सौ से अधिक लोगों की भीड़ ने दोनों गाड़ियों के ड्राइवरों को रोक लिया और कहीं जाने नहीं दिया.

इसके बाद भीड़ उस पुलिस चौकी के पास जमा हो गई जहाँ दोनों को हिरासत में रखा गया था लेकिन बाद में दोनों को दूतावास लौटने की अनुमति दे दी गई थी.

बीबीसी के सैयद शोएब हसन का कहना है कि इस घटना से पाकिस्तान में अमरीका विरोधी भावनाओं को और हवा मिल सकती है.

अनुत्तरित सवाल

हमारे संवाददाता का कहना है कि ये सवाल अभी अनुत्तरित हैं कि अमरीकी के पास हथियार क्यों था.

उधर वॉशिंगटन में विदेश विभाग के प्रवक्ता पीजे क्राउली ने संवाददाताओं से इस बात की पुष्टि की है कि वह व्यक्ति अमरीकी था, जिसने गोली चलाई.

उन्होंने बताया कि वह अमरीकी वाणिज्य दूतावास में काम करता है लेकिन उन्होंने स्पष्ट नहीं किया था कि उन्हें राजनयिक का दर्जा प्राप्त है या नहीं हालांकि बाद में यह स्पष्ट हो गया.

उन्होंने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि उन्हें हथियार लेकर चलने का अधिकार था या नहीं.

उनका कहना था कि अमरीका इस मामले की जाँच में पाकिस्तान का पूरा सहयोग करेगा.

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