अमरिकी अधिकारी की रिहाई पर रोक

  • 1 फरवरी 2011
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Image caption रेमंड डेविस ने 27 जनवरी को लाहौर में दो पाकिस्तानियों की हत्या की थी.

पाकिस्तान की एक अदालत ने दो पाकिस्तानी नागरिकों की हत्या के आरोप में गिरफ़्तार अमरिकी अधिकारी को रिहा कर के अमरीकी अधिकारियों को सौंपे जाने पर रोक लगा दी है.

लाहौर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश जस्टिस ऐजाज़ अहमद चौधरी ने यह आदेश स्थानीय वकीलों की ओर से दायर की गई चार याचिकाओं पर दिया.

याचिकाओं में चिंता व्यक्त की गई थी कि दो पाकिस्तानियों की हत्या करने वाला रेमंड डेविस अमरिकी नागरिक है और सरकार अमरीकी दबाव में आ कर उन्हें रिहा कर देगी.

जस्टिस ऐजाज़ अहमद चौधरी ने यह भी आदेश दिया कि अमरिकी नागरिक रेमंड डेविस का नाम ‘एग्ज़िट कंट्रोल लिस्ट’ में भी शामिल किया जाए ताकि वह देश छोड़ कर जा न सके.

कूटनीतिज्ञ का प्रश्न

पंजाब सरकार के वकील ख़्वाजा हारिस ने सुनवाई के दौरान अदातल को बताया कि अभी यह सिद्ध नहीं हो सका है कि अमरिकी नागरिक रेमंड डेविड राजनयिक हैं या नहीं.

जिस पर मुख्य न्यायधीश जस्टिस ऐजाज़ अहमद चौधरी ने कहा कि अमरिकी रेमंड डेविस का मामल अदालत में चल रहा है इसलिए उन के राजनयिक होने का फ़ैसला अदालत ही करेगी.

अदालत ने केंद्र सरकार को आदेश दिया कि वह रेमंड डेविस के कूटनीतिज्ञ होने या होने के बारे में अदालत में अपना जबाव पेश करे जिस पर केंद्र सरकार के वकील नवीद इनायत मलिक ने अनुरोध किया कि विदेश मंत्रालय की ओर से उन्हें अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है इसलिए उन्हें कुछ दिनों का समय दिया जाए.

अदालत ने केंद्र सराकर के वकील नवीद इनायत मलिक की याचिका को मंज़ूर करते हुए उन्हें 15 दिनों का समय दिया.

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Image caption दो युवकों की हत्या के बाद लाहौर में कई लोगों ने निरोध प्रदर्शन किया था.

ग़ौरतलब है कि लाहौर के स्थानीय वकीलों ने चार याचिकाएं दायर की हैं जिस में कहा गया है कि अमरिकी नागरिक ने पाकिस्तान में अपराध किया और उन्होंने दो निर्दोष लोगों की जान ली इसलिए उन के ख़िलाफ कार्रवाई पाकिस्तानी क़ानून के तहत की जाए.

याचिकर्ताओं ने चिंता व्यक्त की है कि पाकिस्तानी सरकार अमरिका के दबाव में आ कर उन्हें रिहा करेगी और अमरिका के हवाले कर देगी इसलिए उस पर प्रतिबंध लग दिया जाए. इस मुक़दमे की अलगी सुनवाई 17 फ़रवरी को होगी.

पाकिस्तानियों की हत्या

अमरीकी नागरिक रेमंड डेविस ने 27 जनवरी को लाहौर की एक भीड़ भरी सड़क पर दो पाकिस्तानी लोगों को गोली मार दी थी.

पुलिस ने घटना के तुरंत बाद उन्हें हिरासत में ले लिया था और उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज कर लिया था. पुलिस ने 28 जनवरी को उन्हें लाहौर की एक निचली अदालत में पेश किया था.

रेमॉंड डेविस ने अदालत में अपना बयान दिया था कि उन्होंने जान बूझ कर उन लोगों की हत्या नहीं की और उन की जान को ख़तरा है कि इसलिए उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए.

घटना के कुछ दिनों बाद अमरिका ने कहा था कि पाकिस्तान ने ग़ैर-क़ानूनी तौर पर उस के अधिकारी को हिरासत में रखा है जो अंतरराष्ट्रीय नियमों का भी उल्लंघन है.

इस्लामाबाद स्थित अमरिकी दूतावास की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया था कि रेमॉंड डेविस इस्लामाबाद में तैनात थे और उन के पास कूटनयिक पॉस्पोर्ट है जिस पर 2012 तक का वैध वीज़ा है.

रिहाई की मांग

अमरिकी कॉंग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी से मुलाक़ात की और रेमंड डेविस की रिहाई की मांग की.

राष्ट्रपति असिफ़ ज़रदारी ने उस पर अमरिकी सांसदों से कहा कि वह मामला अदालत में है और न्यायिक प्रक्रिया के पूरे होने का इंतेज़ार किया जाए.

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