पाक मंत्रिमंडल को भंग करने का निर्णय

गिलानी
Image caption राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री गिलानी के मंत्रिमंडल को भंग करने का फ़ैसला लिया है.

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने भारी घरेलू दबाव और अर्थव्यवस्था में सुधार लाने केलिए केंद्रीय मंत्रिमंडल को भंग करने का फ़ैसला लिया है.

राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी की अध्यक्षता में हुई शुक्रिवार को सत्तारूढ़ पीपुल्स पार्टी की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मंत्रिमंडल को भंग करने का निर्णय लिया गया.

इस बैठक में प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी, उन का मंत्रिमंडल और पीपुल्स पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया.

पीपुल्स पार्टी के महासचिव जहाँगीर बदन ने एक पत्रकार वार्ता में कहा, "प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी गठबंधन सरकार के सभी सदस्यों के साथ सलाह के बाद अगले 24 घंटों में मंत्रिमंडल को भंग कर और नए मंत्रिमंडल की घोषणा करेंगे जिस में मंत्रियों की संख्या बहुत कम होगी."

उन्होंने बताया कि संविधान के 18वें संशोधन की मंज़ूरी के बाद मंत्रियों और सलाहकारों की संख्या को कम करना बहुत ही ज़रुरी हो गया था.

उन्होंने इस धारणा को भी रद्द कर दिया कि पीपुल्स पार्टी ने मंत्रिमंडल को भंग करने का फ़ैसला विपक्षी पार्टी मुस्लिम लीग नवाज़ के प्रमुख नवाज़ शरीफ़ की माँग के बाद लिया है.

ग़ौरतलब है कि पाकिस्तानी संसद के ऊपरी और निचने सदन में सांसदों की संख्या 442 है और संविधान के अनुसार मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या 48 से अधिक नहीं होनी चाहिए.

भारी दबाव

विपक्षी पार्टी मुस्लिम लीग नवाज़ और मुस्लिम लीग क्यू प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी के मंत्रिमंडल पर कड़ी आलोचना कर रहे हैं जिस में 70 से अधिक मंत्री और सलाहकार हैं.

विपक्षी दल सरकार पर लगातार आरोप लगा रहे हैं कि वह महंगाई और सरकारी ख़र्चों में कटौती नहीं कर रही है.

पाकिस्तान में लगातार चल रही चरमपंथी गतिविधियों और पिछले वर्ष आए भंयकर बाढ़ से अर्थव्यवस्था को भारी नुक़सान पहुँचा है.

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