पाकिस्तान में मंत्रिमंडल हुआ भंग

गिलानी
Image caption प्रधानमंत्री ने एक बैठक में मंत्रिमंडल को भंग करने की घोषणा की.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने अपने मंत्रिमंडल को भंग कर दिया है और सभी मंत्रियों ने अपने इस्तीफ़े सौंप दिए हैं.

प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की अंतिम बैठक में मंत्रिमंडल को भंग करने की घोषणा की गई.

यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने मंत्रिमंडल को संबोधित करते हुए अपने सभी मंत्रियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि अगले 24 घंटों में नया मंत्रिमंडल शपथ ग्रहण करेगा.

पिछले सप्ताह राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने भारी घरेलू दबाव और अर्थव्यवस्था में सुधार लाने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल को भंग करने का फ़ैसला किया था.

मंत्रिमंडल को भंग करने का निर्णय राष्ट्रपति ज़रदारी की अध्यक्षता में हुई सत्तारूढ़ दल पीपुल्स पार्टी की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया था.

यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने मंत्रिमंडल की उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए कहा, "पिछले तीन सालों में इस मंत्रिमंडल ने कई ऐतिहासिक फ़ैसले किए और संविधान का 18वाँ संशोधन पारित कर राष्ट्रपति के अधिकार घटा कर संसद को मज़बूत किया."

उन्होंने कहा कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध को लेकर इस मंत्रिमंडल ने महत्वपूर्ण फ़ैसले भी किए और चरमपंथियों के ख़िलाफ़ स्वात और दक्षिणी वज़ीरिस्तान में सफ़ल अभियान इसका उदाहरण हैं.

विपक्ष का भारी दबाव

ग़ौरतलब है कि पाकिस्तानी संसद के ऊपरी और निचने सदन में सांसदों की संख्या 442 है और संविधान के अनुसार मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या 48 से अधिक नहीं होनी चाहिए.

विपक्षी पार्टी मुस्लिम लीग (नवाज़) और मुस्लिम लीग (क्यू) प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी के मंत्रिमंडल पर कड़ी आलोचना कर रहे थे जिस में 70 से अधिक मंत्री और सलाहकार थे.

विपक्षी दल सरकार पर लगातार आरोप लगा रहे हैं कि वह महंगाई और सरकारी ख़र्चों में कटौती नहीं कर रही है.

पाकिस्तान में लगातार चल रही चरमपंथी गतिविधियों और पिछले वर्ष आए भंयकर बाढ़ से अर्थव्यवस्था को भारी नुक़सान पहुँचा है.

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