मंत्रिमंडल में क़ुरैशी को जगह नहीं

क़ुरैशी
Image caption कैबिनेट में क़ुरैशी को जगह नहीं मिली है

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने अपने नए मंत्रिमंडल की घोषणा कर दी है जिसमें 22 सदस्य शामिल हैं. पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी को मंत्रिमंडल में फ़िलहाल जगह नहीं मिली है.

राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने राष्ट्रपति भवन नें मंत्रियों को शपथ दिलाई. शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी भी मौजूद थे.

शपथ ग्रहण करने वालों में रहमान मलिक, चौधरी अहमद मुख़्तियार, मख़दूम अमीन फ़हीम और अन्य नेता शामिल थे लेकिन इसमें पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी और पूर्व सूचना और प्रसारण मंत्री कमर ज़मान कायरा शामिल नहीं थे.

प्रधानमंत्री कार्यलय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक रहमान मलिक को गृह मंत्रालय मिला है जबकि चौधरी अहमद मुख़्तियार को रक्ष मंत्री, मियाँ मंज़ूर वट्टू को कश्मीर मामलों के मंत्री और हफ़ीज़ शेख़ को वित्त मंत्री बनाया गया है.

विदेश राज्यमंत्री

फ़िलहाल विदेश मंत्रालय किसी सदस्य को नहीं दिया गया है जबकि हिना रब्बानी खर को विदेश मामलों की राज्य मंत्री का पद मिला है.

प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने बुधवार अपने मंत्रिमंडल को भंग कर दिया था और सभी मंत्रियों ने अपने इस्तीफ़े सौंप दिए थे.

पिछले सप्ताह राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने भारी घरेलू दबाव और अर्थव्यवस्था में सुधार लाने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल को भंग करने का फ़ैसला किया था.

मंत्रिमंडल को भंग करने का निर्णय राष्ट्रपति ज़रदारी की अध्यक्षता में हुई सत्तारूढ़ दल पीपुल्स पार्टी की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया था.

विपक्ष का दबाव

ग़ौरतलब है कि पाकिस्तानी संसद के ऊपरी और निचने सदन में सांसदों की संख्या 442 है और संविधान के अनुसार मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या 48 से अधिक नहीं होनी चाहिए.

विपक्षी पार्टी मुस्लिम लीग (नवाज़) और मुस्लिम लीग (क्यू) प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी के मंत्रिमंडल पर कड़ी आलोचना कर रहे थे जिस में 70 से अधिक मंत्री और सलाहकार थे.

विपक्षी दल सरकार पर लगातार आरोप लगा रहे हैं कि वह महंगाई और सरकारी ख़र्चों में कटौती नहीं कर रही है.

पाकिस्तान में लगातार चल रही चरमपंथी गतिविधियों और पिछले वर्ष आए भंयकर बाढ़ से अर्थव्यवस्था को भारी नुक़सान पहुँचा है.

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