बलूचिस्तान में जजों का अपहरण

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Image caption इस इलाक़े में सेना और बलोच विद्रोहियों के बीच संघर्ष चल रहा है.

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में दो जजों का अपहरण हो गया है और पुलिस ने उन की तलाश के लिए सर्च अभियान शुरु कर दिया है.

ज़िला नसीराबाद के वरिष्ठ अधिकारी फ़तह मोहम्मद ने बीबीसी को बताया कि रविवार की शाम को जज जान मोहम्मद गोहर और मोहम्मद अली ज़िला सिब्बी से ओसता मोहम्मद जा रहे थे कि रास्ते में लापता हो गए.

उन्होंने बताया कि ओसता मोहम्मद पहुँचने से थोड़ा पहले उन का संपर्क अपने परिवार वालों से टूट गया और नसीराबाद ज़िले के गाँव में दोनों की गाड़ी मिली है.

फ़तह मोहम्मद के अनुसार दोनों जजों की रिहाई केलिए पुलिस ने इलाक़े में सर्च अभियान शुरु कर दिया है और इस में अर्थसैनिक बलों की भी मदद ली जा रही है.

उन्होंने कहा कि नसीराबाद ज़िले के कई इलाक़ों में पुलिस ने छापे मारे हैं और कई संदिग्ध लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

क़बायली इलाक़ा

ग़ौरतलब है कि नसीराबाद बलूचिस्तान प्रांत का सीमावर्ती ज़िला है और उस के दक्षिण में सिंध प्रांत के ज़िले जेकबाबाद और कशमोर हैं. यह क़बायली ज़िले हैं और वहाँ अपहरण की घटनाएँ सामान्य बात है.

क़रीब एक सप्ताह पहले इस इलाक़े में मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट के दो वकील सलीम अख़्तर और मोहम्मद ताहिर अग़वा हो गए थे और उन का अभी तक पता नहीं चल सका है.

उधर बलूचिस्तान बार एसोसीएशन की अध्यक्ष बाज़ मोहम्मद काकड़ ने जजों के अपहरण की कड़े शब्दों में निंदा की और ज़िला प्रशासन से उन को रिहाई की माँग की.

अपहरण का विरोध

बलूचिस्तान के वकील संगठनों ने जजों के अपहरण के ख़िलाफ़ अदालतों का बहिष्कार किया और कवैटा सहित कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किए.

वकील नेता बाज़ मोहम्मद काकड़ ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार आम आदमी को सुरक्षा प्रदान करने में नाकाम हो गई है और दिन दिहाड़े लोग अग़वा हो रहे हैं.

उन्होंने कहा कि सरकार ने क़ानून तोड़ने वाले तत्वों को आज़ादी दी हुई है और सरकार में बैठे कुछ लोग अपराधियों की मदद कर रहे हैं जिस से अग़वा की घटनाएँ बढ़ रही हैं.

वकील संगठनों ने सरकार को चेतावनी दी है कि दोनों जजों को तुरंत रिहा नहीं करवाया गया तो वह देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे.

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