अज्ञात हमलावरों ने पाक मंत्री की हत्या की

शहबाज़ भट्टी की रिश्तेदार उनकी गाड़ी के पास इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption चार हमलावरों ने भट्टी के वाहन को घेरा और अंधाधुँध गोलियाँ चलाईं

पाकिस्तान के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री शहबाज़ भट्टी पर राजधानी इस्लामाबाद में दिन-दहाड़े गोलियाँ चलाई गई हैं और उनकी मृत्यु हो गई है.

वे कार में अपने दफ़्तर की ओर जा रहे थे जब उनकी कार पर अनेक गोलियाँ चलाई गईं. उनके साथ सुरक्षा एसकॉर्ट वाहन नहीं था.

इस्लामाबाद के शिफ़ा अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार जब शहबाज़ भट्टी को अस्पताल लाया गया तब उनकी मौत हो चुकी थी.

शहबाज़ भट्टी कैथोलिक ईसाई थे और वो ईश निंदा क़ानून के विरोधी थे. उन्हें कई बार जान से मारने की धमकियाँ मिली थीं.

ग़ौतलब है कि जनवरी में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गवर्नर सलमान तासीर की उनके एक अंगरक्षक ने हत्या कर दी थी. वे भी ईश निंदा क़ानून के विरोधी थे.

पाकिस्तान के ईश-निंदा क़ानून के तहत क़ुरान, पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद और इस्लाम से संबंधित कुछ पवित्र शख़्सियतों के बारे में कुछ भी निंदनीय कहने पर मौत की सज़ा हो सकती है.

इस क़ानून पर चर्चा तब शुरु हुई जब पाँच बच्चों की माँ, एक ईसाई महिला आसीया बीबी को पिछले साल नवंबर में पैगम्बर मोहम्मद का अपमान करने के जुर्म में मौत की सज़ा सुनाई गई थी. वे इस आरोप का खंडन करती हैं.

'धमकियों के आगे नहीं झुकुँगा'

शहबाज़ भट्टी 42 वर्ष के थे और सरकार एक मात्र ईसाई मंत्री थे.

पुलिस अधिकारी अब्दुल माजिद ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के इस जाने-माने नेता की कार को चार अज्ञात बंदूकधारियों ने घेर लिया और अंधाधुँध गोलियाँ चलाईं.

इसके बाद हमलावर एक कार में फ़रार हो गए.

टीवी पर दिखाई तस्वीरों से स्पष्ट है कि भट्टी की कार पर कई गोलियाँ चलाई गईं.

शहबाज़ भट्टी ने कहा था कि ईश निंदा क़ानून में संशोधन के प्रयास जारी रखेंगे और धमकियों को परवाह नहीं करेंगे.

जनवरी में भट्टी ने बीबीसी से बातचीत में कहा था, "मुझे धमकाया गया कि यदि मैं ईश निंदा क़ानून के ख़िलाफ़ अपना अभियान जारी रखता हूँ तो मेरी हत्या कर दी जाएगी. मेरा सर कलम कर दिया जाएगा.लेकिन हिंसा की पक्षधर ताकतें, उग्रवादी ताकतें मुझे परेशान नहीं कर सकती हैं, मुझे धमका नहीं सकती हैं."

पाकिस्तान में एक वर्ग का मानना है कि इस क़ानून का ग़लत इस्तेमाल भी होता है और अल्पसंख्यकों को इसका निशाना बनाया जाता है. इसीलिए इसमें संशोधन की ज़रूरत है.

महत्वपूर्ण है कि गवर्नर सलमान तासीर ने ईश-निंदा के आरोप में मौत की सज़ा काट रही ईसाई महिला आसिया बीबी से मुलाक़ात की थी और उनकी माफ़ी के लिए राष्ट्रपति से अनुरोध करने का आश्वासन दिया था.

अल क़ायदा, तहरीक-ए-तालिबान के पर्चे

किसी भी संगठन ने इस घटना की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.

लेकिन घटनास्थल पर अल क़ायदा और तहरीक-ए-तालिबान पंजाब के पैम्फ़्लिट (पर्चे) मिले हैं.

इन पर्चों पर लिखा है कि जो भी ईश निंदा क़ानून की आलोचना करेगा उसे गोली मार दी जाएगी.

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के एक सहयोगी फ़राहनाज़ इस्पाहानी ने समाचार एजेंसी एपी को बताया, "ये पाकिस्तान में हर उदारवादी, प्रगतिशील और मानवता की बात करने वाली आवाज़ को चुप कराने का अभियान है. समय आ गया है कि केंद्र और प्रांतीय सरकारें इस मुद्दे पर बोलें और इन हत्यारों के ख़िलाफ़ कड़ा रुख़ अपनाएँ और पाकिस्तान को बचाएँ."

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