ख़बरों में लादेन ही लादेन

  • 4 मई 2011
Image caption पाकिस्तान में अभी भी लादेन की खबरों से अखबार पटे पड़े हैं

ओसामा बिन लादेन की मौत के तीसरे दिन भी पाकिस्तान के सभी समाचार पत्रों में लादेन से जुड़ी ख़बरें छाई हुई हैं.

अंग्रेज़ी के अख़ाबर ‘डेली डॉन’ उस ख़बर को मुख्य तौर पर प्रकाशित किया है जिसमें पाकिस्तान सरकार ने बिना जानकारी के कार्रवाई करने पर चिंता और अमरीका से नाराज़गी जताई है.

अख़बार लिखता है कि विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर ओसामा बिन लादेन के ख़िलाफ़ हुई अमरिकी कार्रवाई पर चिंता व्यक्त की और दूसरी ओर देश की सूचना मंत्री फ़िरदौस आशिक़ आवाण ने कहा कि अमरीकी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय नियमों की मुताबिक की गई.

अख़बार के मुताबिक ओसामा बिन लादेन के ख़िलाफ़ हुई अमरीकी कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों और घरेलू विरोध को ख़ामोश करने के लिए विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया.

अंग्रेज़ी के अख़बार ‘द न्यूज़’ ने पहले पन्ने पर ओसामा बिन लादेन की सब से छोटी पत्नी अमाई अहमद अब्दुल फ़तह के पास्पोर्ट की तस्वीर छापी है.

अख़बार ने अपनी ख़बर में लिखा है कि ब्रिटेन और फ़्रांस ने संदेह व्यक्त किया है कि पाकिस्तान सरकार को ओसामा बिन लादेन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी जबकि चीन पाकिस्तान में समर्थन में सामने आया है.

अख़बार ने पहले पन्ने पर एक छोटी सी ख़बर को जगह दी है जिसमें बताया गया है कि ओसामा बिन लादेन ने अपने बेटों, सुरक्षागार्ड और साथियों से शपथ ली थी कि अगर अमरीकी सेना उन्हें गिरफ़्तार करने की कोशिश करे तो वह उन्हें तुरंत गोली मार दें.

अख़बार ने अपने संपादकीय में लिखा है कि ओसामा बिन लादेन तो मारे गए लेकिन उस से बाद नए सवाल उठ रहे हैं ख़ासतौर पर इस मामले में पाकिस्तानी की भूमिका को लेकर. अख़बार के अनुसार पाकिस्तानी सरकार की ओर से भी अलग अलग बयान सामने आ रहे हैं.

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने अतंरराष्ट्रीय अख़बारों में छपी ओसामा बिन लादेन की वसीयत को जगह दी है जिसमें उन्होंने अपने बच्चों से कहा है कि वह अल क़ायदा में शामिल न हों.

अख़बार के मुताबिक ओसामा बिन लादेन ने उस वसीयत में अपने बच्चों से माफ़ी भी मांगी जिस में उन्होंने कहा है कि वे ज़्यादा समय उन के साथ नहीं बिता सके और अल क़ायदा को ज़्यादा वक़्त दिया.

द नेशन ने ख़बर दी है कि सुरक्षाबलों ने ऐबटाबाद के इलाक़े बिलाल टाऊन से 11 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया है और उन पर आरोप है कि उन के ओसामा के साथ संपर्क थे.

अख़बार ने अपने संपादकीय में सवाल उठाया है क्या ओसामा बिन लादेन के बाद दुनिया सुरक्षित हो गई है? अख़बार लिखता है कि पाकिस्तान के धार्मिक संगठन ओसामा बिन लादेन को शहीद क़रार दे रहे हैं और उन की हत्या के बाद वह एक जुट हो गए हैं.

रोज़नामा ख़बरें के पहले पन्ने पर भी ओसामा बिन लादेन से जुड़ी ख़बरें छाई हुई हैं. अख़बार ने अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए प्रमुख के बयान को पहले पन्ने पर जगह दी जिस में उन्होंने कहा है कि अगर पाकिस्तान को जानकारी देते तो ओसामा बिन लादेन बच सकता था.

अख़बार ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के बयान को भी प्रकाशित किया है जिसमें उन्होंने कहा कि ओसामा बिन लादेन बेनज़ीर का हत्यारा और दुनिया की सबसे बड़ी बुराई था.

एक्सप्रेस ने भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ़ मार्शल पीवी नायक के बयान को पहले पन्ने पर जगह दी है जिसमें उन्होंने चेतावनी दी है कि भारत भी अमरीका की तरह चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर सकता है.

संबंधित समाचार