अमरीकी बयान से असहज पाक

सलमान बशीर
Image caption बशीर के मुताब़िक पाकिस्तान ने अमरीका को हर संभव मदद दी है

पाकिस्तान सरकार ने अमरीकी अधिकारियों के उन सुझावों को ख़ारिज किया है, जिसमें कहा गया था कि ओसामा बिन लादेन के ख़िलाफ़ अमरीकी कार्रवाई की पूरी जानकारी पाकिस्तान को नहीं दी जा सकती थी.

अमरीकी ख़ुफिया एजेंसी सीआईए के निदेशक लियोन पनेटा ने कहा था कि ओसामा के ख़िलाफ़ कार्रवाई की कोई भी ख़ुफ़िया जानकारी पाकिस्तान के साथ इसलिए नहीं बाँटी गई थी क्योंकि इससे कार्रवाई के विफल होने का ख़तरा था.

उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान सरकार पर भरोसे के अभाव में ये क़दम उठाया गया था.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री सलमान बशीर ने बीबीसी से ख़ास बातचीत में कहा कि इस तरह का बयान असहजता पैदा करने वाला है.

सलमान बशीर ने कहा कि आंतकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में पाकिस्तान का काफ़ी मज़बूत रिकॉर्ड है.

उन्होंने कहा, "दुनियाभर में आंतकवाद विरोधी अभियान में जो कुछ भी अभी तक हुआ है, जिसे हम सफलता की तरह आंक रहे हैं, उसमें पाकिस्तान की अहम भूमिका रही है. इसके बाद अगर इस तरह के बयान सुनने को मिलें तो ज़ाहिर है असहजता तो महसूस होगी ही."

मदद

विदेश मंत्री का कहना था कि सीआईए के निदेशक को अपनी राय रखने का पूरा हक़ है, लेकिन पाकिस्तान ने अमरीका को हरसंभव मदद अभी तक दी है.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने 2009 में ही उस अहाते को संदेह के घेरे में रखकर अमरीका को ख़बर कर दी थी, जहाँ आख़िरकार ओसामा बिन लादेन मिलें हालांकि सीआईए को इस पर पुष्ट जानकारी हासिल करने में इतना वक़्त लगा.

सलमान बशीर ने कहा कि हालांकि ये समय आरोप-प्रत्यारोप का नहीं है और पाकिस्तान को आंतकवाद निरोधक अभियान में अपने योगदान को बार-बार साबित करने की भी ज़रूरत नहीं है.

उन्होंने आगे कहा कि हर देश की संप्रभुता का आदर करना चाहिए. हालांकि इस समय मामले की गंभरीता को देखते हुए अमरीका की एकतरफ़ा कार्रवाई को उचित ठहराया जा सकता है लेकिन ये केवल अपवाद है, नियम नहीं बन सकता.

एक लंबे अभियान के बाद रविवार की रात अमरीका ने एक सैन्य कार्यवाई में ओसमा बिन लादेन को मार दिया था. ये कार्रवाई पाकिस्तान के ऐबटाबाद शहर में हुई थी.

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