पाक सेना की अमरीका को चेतावनी

  • 6 मई 2011
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Image caption अमरिका ने बिना बताए ऐबटाबाद में ओसामा को मार दिया था.

पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल अशफ़ाक़ परवेज़ कियानी ने अमरीका को चेतावनी दी है कि अगर भविष्य में ऐबटाबाद जैसी कार्रवाई हुई तो उनका देश अमरीका से अपने संबंधों पर पुनर्विचार करेगा.

ओसामा बिन लादेन के ख़िलाफ़ हुई अमरीकी कार्रवाई के बाद पाकिस्तानी सेना की ओर से यह पहली प्रतिक्रिया सामने आई है.

उन्होंने गुरुवार को उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की जिस में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने भाग लिया और ओसामा बिन लादेन की हत्या के की स्थिति पर विचार किया गया.

सेना की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में सेनाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यदि अमरीका भविष्य में पाकिस्तान की संप्रभुत्ता का उल्लंघन करता है या ऐबटाबाद जैसी कार्रवाई करता है तो उस के साथ सैन्य सहयोग पर पुनर्विचार किया जाएगा.

बयान के अनुसार इस बैठक में अमरीकी सैन्य अधिकारियों की पाकिस्तान में संख्या को कम करने का भी फ़ैसला लिया गया.

बैठक में बताया गया कि पाकिस्तान के परमाणु रिएक्टर सुरक्षित हाथों में हैं और सेना अपने सामरिक हितों की सुरक्षा के लिए हर समय तैयार है.

'भारत को कड़ा संदेश'

इस बैठक में ऐबटाबाद जैसी कार्रवाई को लेकर भारतीय सेना के बयान को भी गंभीरता से लिया गया और भारत को कड़ा संदेश देते हुए कहा गया कि अगर उसने ऐसा सोचा तो उस के गंभीर परिणाम निकलेंगे.

बयान में बताया गया है कि बैठक में ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई को ऐबटाबाद में ओसामा बिन लादेन की जानकारी न होने पर खेद व्यक्त किया गया और ख़ुफ़िया तंत्र को ओर मज़बूत करने पर बल दिया गया.

उन्होंने ऐबटाबाद में ओसामा बिन लादेन की जानकारी न होने के मामले की जांच के आदेश दिए.

सेनाध्यक्ष जनरल अशफाक़ कियानी ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध में आईएसआई की सफलताओं की प्रशंसा की और कहा कि इस संबंध में आईएसआई ने अमरीका की काफ़ी मदद की है.

ग़ौतलब है कि ओसामा बिन लादेन को एक और दो मई की रात एक सैन्य कार्रवाई में अमरीकी सैनिकों ने ऐबटाबाद में मार दिया था.

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