'राजनीतिक गतिविधियाँ ख़त्म करें ज़रदारी'

ज़रदारी
Image caption आसिफ़ ज़रदारी पीपुल्स पार्टी के सह अध्यक्ष भी हैं.

पाकिस्तान की एक अदालत ने राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी से कहा है कि वह अपनी राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगा दें.

लाहौर हाई कोर्ट ने राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के दो पदों के ख़िलाफ़ दायर याचिका पर यह फ़ैसला सुनाया.

राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी अपनी पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सह-अध्यक्ष भी हैं जो इस समय गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रही है.

अदालत ने अपने फ़ैसले में कहा है कि राष्ट्रपति का पद निष्पक्ष है और उसका किसी राजनीतिक पार्टी से संबंध नहीं होना चाहिए.

लाहौर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश जस्टिस ऐजाज़ अहमद चौधरी ने फ़ैसले में उम्मीद जताई है कि राष्ट्रपति क़ानून का पालन करते हुए अपनी राजनीतिक गतिविधियों को ख़त्म कर देंगे.

अदालत ने यह भी कहा है कि उसे उम्मीद है कि राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी राष्ट्रपति भवन में पीपुल्स पार्टी की बैठकों की अध्यक्षता नहीं करेंगे.

'दो पदों को चुनौती'

ग़ौरतलब है कि लाहौर हाई कोर्ट ने इस याचिका पर फ़ैसला 10 मार्च को सुरक्षित कर लिया था.

अदालत में यह याचिका पाकिस्तान लॉयर्स फ़ोरम के प्रमुख एके डोगर ने दायर की थी जिस में आसिफ़ अली ज़रदारी के दो पदों को चुनौती दी गई थी.

याचिका में कहा गया था कि राष्ट्रपति का पद केंद्र का प्रतीक होता है इसलिए यह पद जिस भी व्यक्ति के पास हो उन्हें राजनीतिक पद रखने का कोई अधिकार नहीं है.

याचिका में यह भी कहा गया था कि आसिफ़ अली ज़रदारी का राष्ट्रपति बनने के बाद किसी राजनीतिक पार्टी का पद रखना संविधान का उल्लंघन है.

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