'ओसामा की विधवाओं से पूछताछ'

  • 14 मई 2011
ओसामा की पत्नी अमल अल-सदा इमेज कॉपीरइट TVE
Image caption हमले के समय तीनों पत्नियां और दर्जनों बच्चे ओसामा के साथ थे.

अमरीका ने कहा है कि उसके अधिकारियों ने अल-क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन की तीन विधवाओं से पूछताछ की है.

व्हाईट हाउस के प्रवक्ता जे कार्नी ने हालाकि इस बारे में और अधिक जानकारी नहीं दी है.

ओसामा बिन लादेन को दो मई को पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूख़्वाह प्रांत के ऐबटाबाद शहर में एक अमरीकी सैन्य अभियान में मार दिया गया था.

उनकी मौत के बाद उनकी तीन विधवाओं और लगभग एक दर्जन बच्चों को पाकिस्तान ने अपनी हिरासत में ले लिया था.

अमरीका ने पाकिस्तान से इन विधवाओं से पूछताछ की इजाज़त मांगी थी ताकि इनसे ओसामा के बारे में कुछ और जानकारियां इकट्ठा की जा सकें.

एक अमरीकी अधिकारी के मुताबिक़ ओसामा की विधवाओं से पूछताछ के दौरान कोई अहम जानकारी नहीं मिल पाई है.

ओसामा की तीन विधवाओं में से एक यमन की हैं और दो सऊदी अरब की रहने वाली हैं. पाकिस्तान ने कहा है कि वो इन विधवाओं को उनके बच्चे समेत उनके देश वापस भेज देगा.

विश्लेषकों का मानना है कि ओसामा की विधवाएं उनकी ज़िंदगी के बारे में कुछ बहुत ही अहम और रोचक जानकारियां दे सकती हैं, ख़ासकर ओसामा के इतने सालों तक लापता रहने के बारे में.

एक पत्नी ने पाकिस्तानी अधिकारियों को बताया है कि ओसामा पाकिस्तान में पिछले सात सालों से रह रहे थे, जबकि उनकी एक दूसरी बीवी ने बताया कि वो 2006 में ऐबटाबाद वाले मकान में आई थीं और इन वर्षों में कभी भी अपने कमरे से बाहर नहीं निकलीं.

ऐबटाबाद सैन्य अभियान से पहले ओसामा के बारे में किसी को कोई पुख़्ता जानकारी नहीं थी कि 2001 में अफ़ग़ानिस्तान के तोरा-बोरा पहाड़ियों से भागने के बाद वो कहां रह रहे थे या जीवित थे भी या नही.

अमरीकी रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी कर्नल डेविड लपन ने भी इस बात की पुष्टि की है कि ओसामा की विधवाओं से पूछताछ की गई है लेकिन उन्होंने ये नहीं बताया कि अमरीका की किस एजेंसी ने पूछताछ की है.

दूसरी तरफ़ एबीसी चैनल के एक प्रोग्राम सीक्सटी मिनट्स में अमरीकी संसद के निचली सदन के इंटेलीजेंस कमेटी के प्रमुख माईक रॉजर्स ने कहा कि उन्हें यक़ीन है कि अल-क़ायदा के दूसरे बड़े नेता ऐमन अल-ज़वाहिरि भी पाकिस्तान में ही मौजूद हैं.

उनका कहना था, ''आशा है कि पाकिस्तान, अमरीका के साथ और अधिक सहयोग करेगा.पाकिस्तान हमारे साथ और पारदर्शी होगा और हमारे लक्ष्य को हासिल करने में हमारी पूरी मदद करेगा. उदाहरण के तौर पर ऐमन अल-जवाहिरि.''

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