अल क़ायदा का वरिष्ठ नेता गिरफ़्तार

कराची
Image caption सुरक्षाबलों ने कराची से अबू सुहैब अल मक्की को गिरफ़्तार कर लिया.

पाकिस्तानी सेना का कहना है कि सुरक्षाबलों ने कराची में अल क़ायदा के वरिष्ठ नेता मोहम्मद अली क़ासिम यक़ूब उर्फ़ अबू सोहैब अल मक्की को गिरफ़्तार कर लिया है.

सेना की ओर जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि सुरक्षाबलों ने सिंध की राजधानी कराची में कार्रवाई कर अबू सुहैब अल मक्की को गिरफ़्तार कर लिया.

बयान के मुताबिक़ प्ररांभिक जाँच से पता चल है कि अबू सुहैब अल मक्की यमन के नागरिक हैं और वे पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान की सीमा के पास अल क़ायदा के वरिष्ठ नेताओं के साथ काम करते थे.

पाकिस्तानी सेना ने अबू सुहैब अल मक़्क़ी की गिरफ़्तार को बड़ी प्रगति क़रार दिया है और इससे पाकिस्तान में मौजूद अल क़ायदा के नेटवर्क को ख़त्म करने में मदद मिलेगी.

कराची से किसी अल क़ायदा के वरिष्ठ नेता की गिरफ्तारी की यह पहली घटना नहीं है. इससे पहले दिसंबर 2002 में पाकिस्तान के सुरक्षाबलों ने अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी की मदद से कराची से अल क़ायदा के वरिष्ठ नेता रमज़ी बिन अल शिबा को गिरफ़्तार किया था.

इससे पहले ख़ुफ़िया एजेंसियों ने ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद उन की संस्था से जुड़े लोगों को तलाश करने के लिए अभियान शुरु किया था.

'ख़ुफ़िया छापे'

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि ख़ुफ़िया एजेंसियों के अधिकारियों ने कुछ दिन पहले रावलपिंडी, इस्लामाबाद, अटक और दूसरे शहरों में छापे मारे थे और इस्लामी मदरसों के रिकॉर्ड की छानबीन की थी.

ग़ौरतलब है कि अमरीकी सेना ने दो मई को पाकिस्तान के शहर ऐबटाबाद में एक घर पर कार्रवाई कर ओसामा बिन लादेन को मार दिया था.

अमरीकी सरकार ने इस सैन्य अभियान की पाकिस्तान को जानकारी नहीं दी थी, जिसकी पाकिस्तानी सरकारी कड़ी आलोचना करती है.

पाकिस्तान का कहना है कि अमरीका ने बिना बताए अभियान कर पाकिस्तान की संप्रभुता का उल्लघंन किया है जबकि अमरीका का कहना है कि उसने एक समझोते के तहत वह कार्रवाई की है.

इस अभियान के बाद पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई की भूमिका कई सवाल उठाए जा रहे हैं और अमरिकी की ओर से पाकिस्तान पर लगातार दबाव है कि वह अल क़ायदा के नेटवर्क को ख़त्म करने के लिए उचित क़दम उठाए.

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