'सबूत नहीं कि पाक ओसामा के बारे में जानता था'

पाकिस्तान के ऐबटाबाद में ओसामा का घर इमेज कॉपीरइट Reuters

अमरीकी अधिकारियों ने कहा है कि इस बात के कोई सबूत नहीं जिससे पता चले कि इस्लामाबाद में नेता ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में छिपे होने की बात जानते थे.

लेकिन रक्षामंत्री रॉबर्ट गेट्स ने कहा है कि वे मानते हैं कि पाकिस्तान में 'कोई' अलक़ायदा प्रमुख के ठिकाने के बारे में जानता था.

लेकिन सैन्य अधिकारी एडमिरल माइक मलेन ने कहा है कि यह पता लगाने में थोड़ा वक़्त लग सकता है कि क्या पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन का बचाव करने वाला कोई था या नहीं.

उल्लेखनीय है कि ओसामा बिन लादेन को मारे जाने के बाद से ही ये कहा जाता रहा है कि ऐसा संभव नहीं है कि वरिष्ठ नेताओं और पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों को ओसामा बिन लादेन के ऐबटाबाद स्थित ठिकाने के बारे में पता न चला हो.

जबकि पाकिस्तान इसका खंडन करता रहा है.

पाकिस्तान का पक्ष लिया

हालांकि सांसदों की ओर से इस बात का बहुत दबाव है लेकिन इन दोनों अधिकारियों ने पाकिस्तान को आर्थिक सहायता में कटौती करने के ख़िलाफ़ राय दी है.

पेंटागन में एक संयुक्त पत्रवार्ता को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स और अमरीकी सेना के प्रमुख एडमिरल मलेन ने कहा कि अमरीका को पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करते रहना चाहिए और उसे दी जाने वाली आर्थिक सहायता भी जारी रहनी चाहिए.

Image caption एडमिरल मलेन और रॉबर्ट गेट्स ने पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक सहायता का बचाव किया है

लेकिन इन अधिकारियों ने कहा है कि पाकिस्तान को अफ़ग़ानिस्तान की सीमा पर लगे इलाक़ों में चरमपंथियों के पनाहगाहों को ख़त्म करने के लिए कार्रवाई करना चाहिए.

अमरीकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स का कहना था कि हालांकि वे मानते हैं कि पाकिस्तान मे कोई तो जानता था कि ओसामा बिन लादेन कहाँ छिपे हुए हैं लेकिन उन्हें ऐसे कोई सबूत नहीं मिले हैं जिसके आधार पर कहा जा सके कि वरिष्ठ नेता भी इसके बारे में जानते थे.

उन्होंने कहा, "सच बात तो ये है कि मैंने तो कुछ ऐसे सबूत देखे हैं जो इसके ठीक विपरीत हैं."

अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन पर ये दबाव लगातार बढ़ रहा है कि वह ये पता लगाए कि क्या पाकिस्तान ओसामा बिन लादेन के बारे में जानता था.

इस बीच अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियों ने पहली और दूसरी मई की दरमयानी रात को ऐटबाबाद स्थित ओसामा बिन लादेन के ठिकाने पर कार्रवाई करने की कार्रवाई के बाद ज़ब्त किए गए नोटबुक, कंप्यूटर डेटा और दूसरे दस्तावेज़ों की जानकारी का विश्लेषण किया है.

एडमिरल मलेन ने कहा है कि पाकिस्तानी सरकार को जानकारी दिए बिना ओसामा बिन लादेन को मारने की जो कार्रवाई हुई उसने पाकिस्तानी सेना की छवि को तार-तार कर दिया है.

उल्लेखनीय है कि शनिवार को पाकिस्तान की संसद ने इस हमले की निंदा की थी और कहा था कि अमरीका पाकिस्तान की सीमा के भीतर एकतरफ़ा कार्रवाइयाँ बंद करे, जिसमें संदिग्ध चरमपंथियों पर चालक रहित विमान यानी ड्रोन से किए जाने वाले हमले भी शामिल हैं.

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