'अमरीका एकतरफ़ा कार्रवाई नहीं करेगा'

गिलानी
Image caption गिलानी इन दिनों चीन यात्रा पर हैं

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है कि अमरीका ने पाकिस्तानी सीमा में एक तरफ़ा कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया है और भविष्य में केवल साझा कार्रवाई की जाएगी.

प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी इन दिनों चीन की यात्रा पर हैं और उन्होंने बीजिंग की पीकिंग विश्ववद्यालय के छात्रों को संबोधित किया.

यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा, "अगर किसी लक्ष्य की मौजूदगी के बारे में कोई जानकारी मिलती है तो पहले जानकारी का आदान-प्रदान किया जाएगा जिसके बाद साझा कार्रवाई होगी.”

उन्होंने बताया कि अमरीका से इस मुद्दे पर आश्वासन मिल चुका है और मामले पर पाकिस्तान में अमरीकी अधिकारियों के साथ बातचीत हो रही है.

यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने ऐबटाबाद में ओसामा बिन लादेन के ख़िलाफ़ हुई एक तरफ़ा कार्रवाई की निंदा की और कहा कि वे इस कार्रवाई को पाकिस्तान की संप्रभुत्ता पर हमला समझते है.

ग़ौरतलब है कि दो मई को पाकिस्तान के शहर ऐबटाबाद में अमरीकी सेना ने कार्रवाई कर अल क़ायदा के प्रमुख ओसामा बिन लादेन को मार दिया था.

पाकिस्तान ने उस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया था क्योंकि अमरीका ने पाकिस्तानी सरकार को बिना बताए वो कार्रवाई की थी जिसके बाद दोनों देशों के संबंध तनावपूर्ण हे गए हैं.

'ग्रॉसमैन पाकिस्तान में'

इधर अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के लिए अमरीकी राष्ट्रपति के विशेष दूत मार्क ग्रॉसमैन ने राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी से मुलाक़ात की है.

राष्ट्रपति भवन की ओर जारी से एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि दोनों देशों के नेताओं ने संबंधों को फिर से पटरी पर लाने पर सहमति जताई.

इससे पहले अमरीकी विशेष दूत मार्क ग्रॉसमैन ने सेनाध्यक्ष जनरल अशफ़ाक़ परवेज़ कियानी ने मुलाक़ात की थी लेकिन औपचारिक रुप से उस मुलाक़ात की कोई जानकारी नहीं दी गई.

अधिकारियों ने बताया कि मार्क ग्रॉसमैन शुक्रवार को प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी से मुलाक़ात करेंगे.

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Image caption अमरीकी कार्रवाई में ओसामा दो मई को मारे गए थे.

'तनाव कम करने के प्रयास'

ग़ौरतलब है कि इस हफ़्ते के दौरान किसी वरिष्ठ अमरीकी अधिकारी की यह दूसरी पाकिस्तान यात्रा है.

इससे पहले अमरीका के वरिष्ठ सांसद जॉन केरी पाकिस्तान में थे और उन्होने पाकिस्तानी नेतृत्व से मुलाक़ात की थी.

ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद दोनों देशों के संबंधों में काफ़ी तनाव रहा है और दोनों देश संबंधों को और मज़बूत करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं.

हालांकि अमरीका की सत्ताधारी पार्टी के पांच सांसदों ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री को लिखे गए पत्रों में आतंकवाद को रोकने के प्रयास करने को कहा है.

इन पत्रों के माध्यम से कहा गया है की अगर पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ़ युद्ध में अमरीका का साथ नहीं दिया तो पाकिस्तान को मिलने वाली अमरीकी वित्तीय मदद रोक दी जाएगी

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