'चीन देगा पाकिस्तान को लड़ाकू विमान'

  • 21 मई 2011
गिलानी
Image caption गिलानी राज्कीय यात्रा पर चीन में थे.

पाकिस्तानी सरकार का कहना है कि चीन ने उसे 50 से अधिक लड़ाकू विमान देने पर सहमति जताई है.

पाकिस्तान के रक्षामंत्री चौधरी अहमद मुख़्तार ने चीन की राजधानी बीजिंग में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि चीन ने पाकिस्तान को 50 से ज़्यादा ‘जेएफ़-17 थंडर’ लड़ाकू विमान देने का फ़ैसला लिया है.

उन्होंने बताया कि कि यह लड़ाकू विमान छह महीनों के भीतर पाकिस्तान को सौंप दिए जाएंगे.

हालांकि चीन के विदेश मंत्रालय का कहना है कि उसे जेएफ़-17 थंडर को लेकर हुए समझौते की कोई जानकारी नहीं है.

चौधरी अहमद मुख़्तार, प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी के साथ चार दिवसीय यात्रा पर चीन गए थे जो शुक्रवार की शाम को इस्लामाबाद लौटे.

प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने अपनी चीन यात्रा के दौरान वहां के शीर्ष नेतृत्व से मुलाक़ात की और द्विपक्षीय संबंधों को ओर मज़बूत बनाने पर सहमति जताई.

रक्षामंत्री ने लड़ाकू विमानों को लेकर समझौते की और जानकारी नहीं दी और न ही यह बताया कि पाकिस्तान को किस क़ीमत पर यह लड़ाकू विमान मिल रहे हैं.

ग़ौरतलब है कि प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद ऐसे समय में चीन का दौरा किया है जब अमरीक के साथ उसके संबंधों में काफ़ी तनाव पैदा हो गया है.

'अमरीका को संदेश'

अमरीकी सैनिकों ने दो मई को ऐबटाबाद में पाकिस्तान को बिना जानकारी दिए कार्रवाई की थी और ओसामा बिन लादेन को मार दिया था.

जानकार मानते हैं कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने चीन की यात्रा कर अमरीका को संदेश देने की कोशिश की है कि पाकिस्तान के पास चीन की सूरत में एक मज़बूत कूटनीतिक विक्लप मौजूद है.

ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद 'आतंकवाद' के ख़िलाफ़ चले रहे युद्ध में आईएसआई की भूमिक पर कई सवाल उठाए जे रहा थे.

अमरीका सहित कई देशों ने पाकिस्तान सरकार की कड़ी ओलाचना की थी कि ओसामा बिन लादेन की पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसियों को जानकारी क्यों नहीं थी.

चीन एक मात्र देश है जिसने ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद खुल कर पाकिस्तान का समर्थन किया था और कहा था कि 'आतंकवाद' के ख़िलाफ़ युद्ध में पाकिस्तान की सफलताओं को याद रखना चाहिए.

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