बेहतर छवि के लिए फ़िल्मों का सहारा

ऐबटाबाद फ़िल्म समारोह
Image caption समारोह में हिंदको भाषा की छह फ़िल्में दिखाई जाएंगी.

पाकिस्तान में हिंदको भाषा का पहला फ़िल्म समारोह ऐबटाबाद में शुरू हो गया है. इसी शहर में एक गुप्त अमरीकी अभियान में अल-क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन मारे गए थे.

ख़ूबसूरत हिल स्टेशन ऐबटाबाद अमरीकी ऑपरेशन के बाद दुनिया भर में सुर्ख़ियों में आ गया था. ये फ़िल्म समारोह उस घटना के बाद शहर की छवि को सुधारने के लिए किया जा रहा है.

अमरीकी ऑपरेशन का असर इस शहर के सबसे अहम पर्यटन उद्योग पर भी पड़ा था. इसी वजह से कुछ गै़र-पेशेवर फ़िल्मकारों ने इस सांस्कृतिक आयोजन की ठानी.

हिंदको हज़ारा इलाक़े की भाषा है. ऐबटाबाद इसी हज़ारा क्षेत्र में पड़ता है.

फ़िल्म समारोह के आयोजकों में से एक अमजद ख़ान बताते हैं,"हम दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि ऐबटाबाद आतंकवाद का गढ़ नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक केंद्र है."

अमजद ख़ान ने बीबीसी को बताया कि समारोह करने का फ़ैसला बिन लादेन के मारे जाने के दो दिन बाद लिया गया.

पर्यटक उद्योग को झटका

छह दिन तक चलने वाले इस समारोह में हिंदको भाषा की छह फ़िल्में दिखाई जाएंगी. अब तक इस भाषा में बीस के आस-पास ही फ़िल्में बनी हैं.

बिन लादेन के ख़िलाफ़ हुए ऑपरेशन से इस शहर के बाशिंदे आचंभित थे. स्थानीय लोगों को डर है कि इस घटना के बाद गर्मी के मौसम में ऐबटाबाद आने वाले पर्यटकों की संख्या में कमी आएगी.

आयोजकों के तमाम जोश के बावजूद इस समारोह को लेकर स्थानीय लोगों में ख़ास उत्साह देखने को नहीं मिल रहा. चार सौ सीटों वाला हाल बमुश्किल आधा भर पाया.

अमजद ख़ान कहते हैं,"पाकिस्तान में सिनेमा मर चुका है और मौजूदा पीढ़ी ये भी नहीं जानती कि एक अच्छे सिनेमा हॉल में एक बढ़िया फ़िल्म देखने का क्या मतलब होता है."

ख़ान कहते हैं कि इस समारोह में महिलाएं और बच्चे भी आ रहे हैं क्योंकि यहां दिखाई जा रही फ़िल्में आम पाकिस्तानी फ़िल्में के मुक़ाबले साफ़-सुथरी हैं.

संबंधित समाचार