नौसेना ठिकाने पर जारी अभियान समाप्त

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पाकिस्तान के कराची शहर में नौसेना के अड्डे पर चरमपंथियों और सुरक्षाबलों के बीच 14 घंटों तक चली मुठभेड़ ख़त्म हो गई है और इस कार्रवाई में 10 सुरक्षाकर्मी और तीन चरमपंथियों समेत 15 लोग मारे गए हैं.

मलिक ने कहा है कि नौसेना के ठिकाने पर हुए हमले में 15 लोग मारे गए हैं जिस में 10 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं.

उन्होंने मेहरान बेस पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि चार हमलावरों ने बेस को निशाना बनाया और अभियान के बाद तीन के मारे जाने पुष्टि हुई है.

उन्होंने बताया कि जब हमला हुआ तो उस समय नौसेना के ठिकाने में 17 विदेशी नागरिक मौजूद थे जिस में से 11 चीनी और छह अमरीकी शामिल थे.

उन्होंने कहा कि इस हमले के संयुक्त रुप से जाँच की जाएगी जिसमें सेना, नौसेना और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे.

रहमान मलिक ने बताया कि ओसामा बिन लादेन की मौत के तालिबान और अल क़ायदा ने चरमपंथियों ने पाकिस्तानी में हमले करने का फ़ैसला लिया था.

मलिक का कहना था, '' हमारे सुरक्षा बलों ने बहादुरी से मुकाबला किया. कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चार चरमपंथी थे लेकिन अभी मलबे को खाली नहीं किया गया है इसलिए हम तीन की पुष्टि कर सकते हैं.''

रविवार की रात कुछ चरमपंथियों ने शहर के मुख्य मार्ग शाहराए फ़ैसल पर स्थित नौसेना अड्डे पर हमला किया था.

सैन्य अभियान के दौरान हमलावरों ने बेस की इमारत में शरण ली थी और सुरक्षाबलों ने इमारत को घेरे में ले कर कार्रवाई शुरु कर दी थी जो कई घंटों पर जारी रही.

नौसेना के प्रवक्ता सलमान अली ने बताया कि इमारत को चरमपंथियों से खाली करवा दिया गया है और अब इलाक़े में तलाशी अभियान जारी है.

उनके मुताबिक़ हमलावरों ने बेस पर खड़े दो विमानों पर हथगोले फ़ैके जिससे एक विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया जबकि दूसरे को भी भारी नुक़सान पहुँचा.

हमलावरों ने विमानों के तेल टैंक को आग लगा दी जिससे कई धमाके हुए और धमाकों की आवाज़ दूर दूर तक सुनी गई.

'तालिबान ने ली ज़िम्मेदारी'

दूसरी ओर पाकिस्तानी तालिबान ने रविवार रात कराची शहर में नौसेना के मेहरान हवाई ठिकाने पर हुए हमले की ज़िम्मेदारी ली है और कहा है कि हमला ओसामा बिन लादेन की मौत का बदला है.

तहरीके तालिबान के प्रवक्ता एहसानुल्लाह एहसान ने बीबीसी संवाददाता को फ़ोन करके हमले की ज़िम्मेदारी क़बूल की. एहसानुल्लाह एहसान ने कहा कि ये हमला अल-क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन की मौत का इंतक़ाम है.

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Image caption कराची हमलों के बाद देश भर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

अल-क़ायदा नेता ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद तालेबान ने ऐलान किया था कि वो उनकी मौत का बदला लेगा.

तटीय शहर कराची के नौसेना ठिकाने पर कल रात आधुनिक हथियारों से लैस क़रीब दर्जन भर बंदूक़धारियों ने घुसकर धमाके किए थे और फिर गोलीबारी शुरू कर दी थी जो रात भर जारी रही.

पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा कि चरमपंथियों को फौजी ठिकाने के एक क्षेत्र में रोक लिया गया था और वह एक ऊँची इमारत में घुसकर वहाँ से गोलियाँ चला रहे थे.

'अल क़ायदा-तालिबान दुश्मन'

पाकिस्तान के गृह मंत्री रात में ही कराची पहुंच गए थे. उनका कहना था, ''तालिबान और अल-क़ायदा पाकिस्तान के दुश्मन हैं. इस तरह के हमले कर वह पाकिस्तान के दुश्मन की मदद कर रहें हैं.''

उन्होंने कहा कि जो लोग अल-क़ायदा या तालिबान के लिए दुआ करते हैं वह ना तो मुसलमान हैं और ना ही पाकिस्तानी.

नौसेना के एक अधिकारी ने कहा कि हमले में नौसेना का एक हवाईजहाज पी थ्री ओरियन तबाह हो गया जबकि बेस पर मौजूद कुछ हेलिकॉप्टरों को भी नुक़सान पहुंचा.

अधिकारियों का कहना है कि चरमपंथियों ने मैरीटाईम निगरानी करने वाले एक जहाज़ पी थ्री ओरियन को निशाना बनाया जिसमें वह पूरी तरह तबाह हो गया है.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पूरी रात बेस के भीतर से धुआँ उठता हुआ दिख रहा था और गोलीबारी की भी आवाज़े आ रही थी.

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