'ऐबटाबाद' की जाँच के लिए आयोग

  • 1 जून 2011
ऐबटाबाद में ओसामा का निवास इमेज कॉपीरइट AFP

पाकिस्तान सरकार ने ऐबटाबाद में हुई अमरीकी सैन्य कार्रवाई की जाँच के लिए एक स्वतंत्र न्यायिक आयोग के गठन की घोषणा की है.

सरकारी आदेश के अनुसार इस पाँच सदस्यीय आयोग के प्रमुख सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जावेद इक़बाल होंगे.

इस आयोग के जाँच के दायरे की जानकारी फ़िलहाल नहीं दी गई है.

एक और दो मई की दरम्यानी रात को राजधानी इस्लामाबाद के पास स्थित ऐबटाबाद में की गई इस कार्रवाई में अमरीकी सैनिकों ने अल क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को मार दिया था.

अमरीका का कहना है कि इस कार्रवाई की जानकारी पाकिस्तान को नहीं दी गई थी लेकिन इस बात पर आश्चर्य प्रकट किया था कि पाकिस्तानी सैन्य प्रशिक्षण केंद्र के पास पाँच साल से ओसामा के रहने की जानकारी पाकिस्तान को कैसे नहीं हुई.

दूसरी ओर पाकिस्तान ने इस कार्रवाई के पहले जानकारी न दिए जाने को लेकर नाराज़गी जताई थी और कहा था कि भविष्य में वह ऐसी किसी कार्रवाई को स्वीकार नहीं करेगा.

आयोग

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Image caption कार्रवाई के बाद अमरीकी सैनिक ओसामा बिन लादेन का शव अपने साथ ले गए थे

पाकिस्तान की संसद ने इस घटना के बाद सरकार से कहा था कि वह इस बात की जाँच के लिए एक स्वतंत्र समिति का गठन करे कि ओसामा बिन लादेन राजधानी के इतने नज़दीक छिपने में कैसे कामयाब हो गए.

और ये भी कि क्या इसमें सरकार या सेना की ओर से किसी की कोई भूमिका भी थी.

इससे पहले सरकार की ओर से इस घटना की लेफ़्टिनेंट जनरल के नेतृत्व में सैन्य जाँच की घोषणा की थी लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने इसे ख़ारिज कर दिया था और न्यायिक आयोग के गठन की मांग की थी.

अब प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश के नेतृत्व में जाँच आयोग के गठन की घोषणा की है.

वैसे यह घोषणा अभी नहीं की गई है कि जाँच का दायरा क्या होगा. इसका मतलब यह है कि अभी यह बात सार्वजनिक नहीं की गई है कि आयोग किन बातों की जाँच करेगा.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी पाकिस्तान से इस बात की जाँच की अपील की थी कि ओसामा बिन लादेन पाकिस्तानी सेना के नाक ने नीचे इतने बरसों से रह रहे थे और क्या उसे स्थानीय स्तर पर कोई सहयोग मिल रहा था.

हालांकि पिछले शुक्रवार को पाकिस्तान के दौरे पर आईं अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने साफ़ कहा था कि इस बात के कोई सबूत नहीं है कि ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में होने की जानकारी पाकिस्तान के वरिष्ठ नेताओं को थी.

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