पत्रकार शहज़ाद को दफ़नाया गया

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Image caption शहज़ाद के जनाज़े में कोई सरकारी प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ.

दो दिन ग़ायब रहने के बाद मंगलवार को मृत पाए गए पाकिस्तानी पत्रकार को कराची में दफ़ना दिया गया है.

चालीस वर्षीय सलीम शहज़ाद को इस्लामाबाद में उस वक़्त अग़वा कर लिया गया था जब वे एक टीवी शो में हिस्सा लेने के लिए जा रहे थे.

सलीम शहज़ाद ने हाल ही में पाकिस्तानी नौसेना में अल-क़ायदा की घुसपैठ पर एक ख़बर लिखी थी.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने शहज़ाद की हत्या की आलोचना की है.

इससे पहले ह्यूमन राइट्स वॉच के एक शोधकर्ता ने कहा था कि उनके पास इस बात की 'प्रामाणिक जानकारी'है कि शहज़ाद पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी के कब्ज़े में थे.

उधर पाकिस्तान के पेशावर, लाहौर और कराची शहरों में शहज़ाद के मारे जाने के प्रति विरोध प्रदर्शन किए हैं.

पाकिस्तान ने सलीम शहज़ाद को अग़वा किए जाने और उसके बाद मार दिए जाने पर जांच के आदेश दिए हैं.

'15 घाव लेकिन गोली का निशान नहीं'

बीबीसी संवाददाता सैयद शोएब हसन के मुताबिक सरकार ने अब तक शहज़ाद की हत्या की परिस्थितियों पर कोई बयान नहीं दिया है,हालांकि उनका शव मिलने के बाद प्रधानमंत्री युसूफ़ रज़ा गिलानी ने एक बयान में कहा था कि अपराधियों का सामना हर क़ीमत पर न्याय से करवाया जाएगा.

संवाददाता के अनुसार शहज़ाद की अंतयेष्टि में कोई सरकारी प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ.

Image caption सलीम शहज़ाद ने हाल ही में पाकिस्तानी नौसेना में अल-क़ायदा की घुसपैठ पर एक ख़बर लिखी थी.

शहज़ाद के वासिम फ़वाद ने बीबीसी को बताया कि उनका परिवार शोक में है,"मैं अपने भाई के बारे में एक बात कह सकता हूं, वो अपने काम के प्रति शत प्रतिशत प्रतिबद्ध था."

शहज़ाद का शव पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से डेढ़ सौ किलोमीटर दूर पाया गया था.

उनका पोस्ट-मॉर्टम करने वाले डॉक्टर ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया था कि शहज़ाद के शरीर पर प्रताड़ना के चिन्ह पाए गए हैं. पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि सलीम शहज़ाद के शरीर पर टॉर्चर के 15 चिन्ह और उनके शरीर पर गोली का कोई निशान नहीं था.

रिपोर्ट में कहा गया है कि शहज़ाद की मौत शायद उनकी छाती पर किए गए ज़ोरदार आघात की वजह से हुई है.

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