चरमपंथ पर पाकिस्तान-अमरीका साझा दल बनाएगा

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Image caption ओसामा की पाकिस्तान में मौजूदगी को लेकर अमरीका ने कई सवाल उठाए थे.

पाकिस्तान की सरकार ने अमरीका के साथ चरमपंथियों के संबंध में ख़ुफ़िया जानकारी के आदान प्रदान के लिए एक साझा दल बनाने की पुष्टि कर दी है.

विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तेहमीना जंजूआ ने एक पत्रकार वार्ता के दौरान सवाल का जवाब देते हुए कहा कि दोनों मुल्क पाकिस्तान में मौजूद चरमपंथियों के बारे में ख़ुफ़िया जानकारी का आदान प्रदान करेंगे और फिर चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अभियान किया जाएगा.

तेहमीना जंजूआ ने कहा, “मैं समझती हूँ कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जब अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन पाकिस्तान की यात्रा पर थीं तो उस समय यह समझौता हुआ था. उनसे पहले सांसद जान कैरी पाकिस्तान में थे तो तब भी इस बात को लेकर एक साझा वक्तव्य जारी किया गया था.”

उन्होंने चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की कोई और जानकारी नहीं दी.

हालांकि उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि जबकि दोनों देश चरमपंथियों के बारे में ख़ुफ़िया जानकारी का आदान प्रदान करेंगें, अमरीकी सैनिक अभियान में भाग नहीं लेंगे.

पाकिस्तान की संप्रभुत्ता पर पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और अमरीका दोनों आतंकवाद का सामना कर रहे हैं लेकिन पाकिस्तानी सरकार अपनी संप्रभुत्ता के सवाल पर किसी तरह का कोई समझौता नहीं करेगी.

उन्होंने कहा कि पिछले दिनों जब पाकिस्तानी नेतृत्व की अमरीकी अधिकारियों से मुलाक़ात हुई थी तो उस समय संप्रभुत्ता के मुद्दे पर अमरीका को अवगत करवा दिया गया था.

अल-क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के खिलाफ़ अमरीकी सेना की कार्रवाई को लेकर देश में काफी हंगामा हुआ था और देश के एक वर्ग का तर्क था कि ऐबटाबाद की कार्रवाई देश की संप्रभुता में दख़लअंदाज़ी है.

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