पाक में ड्रोन हमला, 18 की मौत

  • 6 जून 2011
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Image caption ऐबटाबाद में हुई कार्रवाई के बाद हमले तेज़ हुए हैं

अफ़ग़ानिस्तान सीमा से लगे पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े में चालक रहित विमान से किए गए दो मिसाइल हमलों में कम से कम 18 संदिग्ध चरमपंथी मारे गए हैं.

समझा जाता है कि पिछले शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात को किए गए एक ड्रोन हमले में अल-क़ायदा के एक प्रमुख कमांडर इलियास कश्मीरी मारे गए थे.

उधर सोमवार को पाकिस्तानी तालिबान ने रविवार को देश के उत्तर-पश्चिम में स्थित नौशेरा में एक बेकरी पर हुए हमले के लिए ज़िम्मेदारी स्वीकार की है. इस हमले में कम से कम 18 लोग मारे गए थे.

तालिबान का कहान है कि ये हमला इलियास कश्मीरी की मौत का बदला लेने के लिए किया गया.

एक और दो मई दरमियानी रात पाकिस्तान के ऐबटाबाद शहर में की गई अमरीकी सैन्य कार्रवाई के बाद से चरमपंथी और ड्रोन हमलों में बढ़ोत्तरी हुई थी.

ऐबटाबाद की कार्रवाई में अल-क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन मारे गए थे.

ड्रोन हमला

सोमवार को हुए हमले अफ़ग़ानिस्तान की सीमा पर स्थित पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े वाना के बरसल तहसील में हुए.

ड्रोन के ज़रिए किए गए दो मिसाइल हमले में एक परिसर और मदरसे को निशाना बनाया गया.

बताया गया है कि पहला हमला सुबह क़रीब तीन बजे हुए और इसमें 10 लोगों की मौत हुई है.

ये लोग मदरसे के पास स्थित एक कच्चे मकान में थे. अधिकारियों का कहना है कि इनमें से कोई भी स्थानीय नहीं था.

दूसरा हमला सुबह पाँच बजे हुआ. उसमें भी कम से कम पाँच विदेशियों के मारे जाने की ख़बर है.

स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि मारे गए सभी लोगों के शव मलबे से निकालकर दफ़ना दिया गया है.

अधिकारियों का कहना है कि मारे गए लोगों में कोई उल्लेखनीय व्यक्ति नहीं है.

इस तरह के ड्रोन हमले अमरीका करता है हालांकि वह इसकी ज़िम्मेदारी कभी स्वीकार नहीं करता. लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के हमलों की क्षमता इस इलाक़े में सिर्फ़ अमरीका के पास है.

अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से लगे इस इलाक़े में पिछले साल सौ से अधिक हमले किए गए.

इन हमलों में कई चरमपंथी मारे गए जिनमें से कुछ बड़े नेता थे. लेकिन इन हमलों में सैकड़ों आम नागरिक भी मारे गए थे.

पाकिस्तान ज़ाहिर तौर पर ड्रोन हमलों का विरोध करता है लेकिन संवाददाताओं का कहना है कि अधिकारियों की अघोषित स्वीकृति से ही ये हमले किए जाते हैं.

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